Itarsi Crime:विनय मालवीय/इटारसी: मध्य प्रदेश के इटारसी से करीब 40 किलोमीटर दूर आदिवासी ब्लॉक केसला के पिपरिया खुर्द गांव में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहाँ पारिवारिक विवाद के दौरान आपा खो चुकी देवरानी ने अपनी ही जेठानी के कान को दांतों से चबा डाला. इस हमले में महिला का एक कान 90 प्रतिशत तक क्षतिग्रस्त हो गया है. घायल महिला को गंभीर हालत में इटारसी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टर पहली बार कान के पुनर्निर्माण (Reconstruction) का जटिल उपचार करने जा रहे हैं.
केसला ब्लॉक के पिपरिया खुर्द में खेत बटाई के मामूली विवाद पर देवरानी कलाबाई ने अपनी जेठानी रवीना देवड़िया का कान दांतों से चबा लिया. पुलिस ने दोनों पक्षों पर मामला दर्ज कर लिया है. वहीं 90 फीसदी कटे कान को ठीक करने के लिए इटारसी के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय अस्पताल की चिकित्सकीय टीम पहली बार कान का पुनर्निर्माण करने जा रही है.
खेत बटाई को लेकर शुरू हुआ था विवाद (Desrani bites Jethani ear)
जानकारी के अनुसार, पिपरिया खुर्द गांव की रहने वाली रवीना देवड़िया अपने घर का कामकाज निपटा रही थीं. इसी दौरान उनकी देवरानी कलाबाई देवड़िया वहां पहुंची और खेत बटाई के मुद्दे पर बहस करने लगी. देखते ही देखते बातचीत का यह विवाद गाली-गलौज और हाथापाई तक पहुंच गया. मारपीट के दौरान आपा खो चुकी देवरानी ने जेठानी रवीना पर हमला कर दिया और उनके कान को दांतों से चबा डाला, जिससे कान का बड़ा हिस्सा कटकर अलग हो गया.
लहूलुहान अवस्था में अस्पताल में कराया भर्ती (Itarsi government hospital)
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से लहूलुहान अवस्था में घायल रवीना को तत्काल इटारसी के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया. घटना की सूचना मिलते ही केसला पुलिस भी हरकत में आई. पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत और बयानों के आधार पर एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
सरकारी अस्पताल में पहली बार होगा कान का पुनर्निर्माण (ear reconstruction surgery)
इटारसी के इस शासकीय अस्पताल के इतिहास में पहली बार किसी मरीज के क्षतिग्रस्त कान के आकार को संवारने और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. अस्पताल के सर्जन डॉ. अनिकेत सिंह ने बताया कि पीड़िता के कान का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है. कान के पर्दे और हड्डियों के साथ-साथ उसके बाहरी आकार को पूर्व की स्थिति में लाने के लिए चिकित्सीय प्रक्रिया (टिम्पेनोप्लास्टी एवं रिकंस्ट्रक्शन) की प्लानिंग की जा रही है. इसके लिए डॉक्टरों की एक विशेष टीम पूरी तैयारी में जुटी हुई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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