Jantar Mantar Protest: दिल्ली हाई कोर्ट ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की पुलिस निगरानी के खिलाफ दायर जनहित याचिका को फिलहाल सुनवाई योग्य नहीं माना है. अदालत ने कहा कि यह याचिका अब प्रभावहीन हो चुकी है. साथ ही याचिकाकर्ता को मौजूदा कानूनी व्यवस्था और एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) की समीक्षा करने के बाद जरूरत हो तो नई याचिका दायर करने की सलाह दी.
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने कहा कि नई याचिका में ऐसे मुद्दे उठाए जाएं जिनकी अदालत विस्तार से जांच कर सके. मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी.
किसने दाखिल की याचिका?
यह याचिका जेएनयू की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आइशे घोष ने दाखिल की थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की दिल्ली पुलिस बिना किसी स्पष्ट कानूनी आधार के फोटो और वीडियो बनाकर निगरानी कर रही है.
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि यह मुद्दा आज भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रदर्शनकारियों की निगरानी के लिए कोई स्पष्ट कानूनी व्यवस्था नहीं है. वकील ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के वीडियो रिकॉर्ड किए जा रहे हैं और उन्हें डराया जा रहा है कि यह सामग्री उनके माता-पिता और शैक्षणिक संस्थानों को भेजी जाएगी.
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इससे पहले की सुनवाई में हाई कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि सार्वजनिक स्थान पर भी लोगों का निजता का अधिकार बना रहता है. अदालत ने संकेत दिया था कि इस मामले में कानूनी पहलुओं की स्पष्ट जांच जरूरी है.
-भारत एक्सप्रेस
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