Bharat Express DD Free Dish

इंदौर का अनोखा मंदिर: जहां प्रसाद के साथ भगवान को चढ़ाई जाती है सिगरेट; जानें 95 साल पुरानी परंपरा

इंदौर के कालानी नगर में स्थित ‘बावड़ी वाले श्याम बाबा’ का मंदिर अपनी एक अनोखी परंपरा के कारण देश भर में प्रसिद्ध है. यहां भक्त फूल-प्रसाद के साथ भगवान को सिगरेट का भोग लगाते हैं. लगभग 95 साल पुराने इस मंदिर में रोज दर्जनों सिगरेट चढ़ाई जाती हैं.

Cigarette Baba Mandir, Indore, Madhya Pradesh

Cigarette Baba Mandir Indore: आमतौर पर आपने देखा होगा कि मंदिरों में भक्त भगवान को फूल, माला और प्रसाद चढ़ाते हैं. लेकिन क्या आपने एक ऐसे मंदिर के बारे में सुना है जहां भगवान को इन सभी चीजों के साथ सिगरेट का भोग लगाया जाता हो? सुनने में ये थोड़ा अजीब लगता है लेकिन ये 100% सच है. मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में एक ऐसा मंदिर है जहां भक्त दर्शन के लिए आते हैं तो साथ में एक सिगरेट जरूर लाते हैं. तो चलिए आज आपको इसी हैरान कर देने वाले मंदिर के बारे में बताते है.

95 साल पुरानी परंपरा

इंदौर के कालानी नगर चौराहे पर बना बावड़ी वाले श्याम बाबा’ का मंदिर प्रदेश भर में काफी ज्यादा चर्चित है. वैसे तो ये मंदिर अपने आकार में काफी छोटा है लेकिन इसकी चर्चा दूर-दूर तक है. स्थानिय लोग इसे ‘सिगरेट वाले बाबा के मंदिर’ के नाम से भी जानते हैं.

मंदिर के इतिहास की बात करें तो इसे करीब 95 साल पुराना बताया जाता है. मंदिर के पुजारी के मुताबिक बावड़ी वाले श्याम बाबा का असली ठिकाना राजस्थान में भीलवाड़ा के पास का एक गांव है, जहां वे ग्राम देवता और कई परिवारों के कुल देवता के रूप में पूजे जाते हैं. साल 1920 में उसी स्थान से ज्योत लाकर इंदौर के इस मंदिर में स्थापना की गई थी और तभी से लेकर आज तक ये अनोखी परंपरा चली आ रही है.

सिगरेट चढ़ाने की परंपरा कैसे शुरू हुई?

आखिर इस मंदिर में सिगरेट चढ़ाने का ये अजीब चलन कैसे शुरू हुआ? इसके पीछे भी एक काफी दिलचस्प कहानी जुड़ी है. पुजारी के मुताबिक राजस्थान में बाबा के मूल स्थान पर पहले बीड़ी चढ़ाई जाती थी क्योंकि ऐसा माना जाता है कि बाबा को बीड़ी पीने का शौक था. समय के साथ दौर बदला तो बीड़ी की जगह सिगरेट ने ले ली. इंदौर के इस मंदिर में भी शुरुआत में बीड़ी ही चढ़ाई जाती थी लेकिन अब भक्त यहां खुलेआम सिगरेट ही अर्पित करते हैं.

यहां के हालात ऐसे हैं कि आम दिनों में मंदिर में रोज करीब 40 से 50 सिगरेट चढ़ जाती हैं. वहीं जब रविवार की रात को विशेष जागरण होता है तो यह आंकड़ा बढ़कर 100 सिगरेट के पार चला जाता है. भक्तों का ऐसा भी मानना है कि जब मूर्ति के सामने जलती हुई सिगरेट रखी जाती है तो वह बहुत तेजी से ऐसे खत्म होती है जैसे कोई सचमुच उसे पी रहा हो.

ये भी पढ़ें- बद्रीनाथ यात्रा से पहले क्यों किए जाते हैं परशुराम महादेव के दर्शन? जानिए त्रेता युग से जुड़े इस अद्भुत तीर्थ का रहस्य

इंसानों के लिए सख्त चेतावनी

इस मंदिर की एक और बड़ी खास बात यह है कि भले ही भगवान के सामने सिगरेट जलाई जाती हो लेकिन मंदिर परिसर के अंदर किसी को भी बीडी या सिगरेट पीने की इजाजत बिल्कुल नहीं है. पुजारी खुद मंदिर आने वाले हर भक्त को नसीहत देते हैं कि वे इन बुरी आदतों से दूर रहें. उनका साफ कहना है कि “देवता की बात अलग है लेकिन इंसानों को सिगरेट और बीड़ी जैसी चीजों से हमेशा तौबा कर लेनी चाहिए.”

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read