Kanwar Yatra 2026: श्रावण मास की पवित्र शुरुआत के साथ ही देश भर में कांवड़ यात्रा का रंग पूरी तरह से जम चुका है. इस बीच मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से आई एक ऐसी खबर चर्चा का केंद्र बनी है जो इंसानियत, आपसी भाईचारे और अटूट आस्था की एक बेहतरीन मिसाल पेश कर रही है. मुरैना के कुआंपुर गांव से निकला 150 से अधिक शिवभक्तों का यह जत्था हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है.
एक ही गांव से निकले 150 भक्त
मतौर पर कांवड़ यात्रा में अलग-अलग जगहों से लोग आकर जुड़ते हैं लेकिन इस जत्थे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके सभी 150 लोग एक ही यानी कुआंपुर गांव के रहने वाले हैं. पिछले साल इस गांव से गिनती के लोग ही कांवड़ यात्रा पर गए थे लेकिन इस बार बाबा भोलेनाथ के प्रति श्रद्धा ऐसी जगी कि पूरा गांव ही जैसे सड़क पर उतर आया. खास बात यह है कि इस कठिन सफर में पुरुषों के साथ-साथ 6 से 7 महिला शिवभक्त भी कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं.
800 किलोमीटर का महा-पैदल सफर
इस दल ने बीते 22 जुलाई को उत्तराखंड में स्थित गौमुख से पवित्र गंगाजल उठाया था. मुरैना तक पहुंचने के लिए इन्हें कुल 800 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करनी है. सफर इतना लंबा और कठिन है, लेकिन इन शिवभक्तों का हौसला देखने लायक है. यह जत्था बिना थके रोजाना 50 से 60 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर रहा है. मुजफ्फरनगर पहुंचने पर जब स्थानीय लोगों ने एक साथ इतने सारे ग्रामवासियों को कांवड़ लाते देखा तो उन्होंने भी दिल खोलकर इस अनोखे दल का स्वागत किया.
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भोले की कृपा में झूमे भक्त
दल में शामिल सौरभ गुज्जर बताते हैं कि उनकी इस यात्रा के पीछे कोई व्यक्तिगत मन्नत या दिखावा नहीं है. यह पूरी तरह से बाबा भोलेनाथ की कृपा और उनका बुलावा है. सभी ने मिलकर एक परिवार की तरह इस यात्रा को पूरा करने का संकल्प लिया था. रास्ते में इन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा है और “बम-बम भोले” के जयकारों के साथ इनका कारवां लगातार आगे बढ़ता जा रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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