ICABB 2027 JIIT Noida: प्रकृति के औषधीय रहस्यों और आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी के समन्वय से मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण की दिशा बदलने के लिए जेपी सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (JIIT), नोएडा तैयार है. संस्थान का बायोटेक्नोलॉजी विभाग 28 से 30 जनवरी 2027 तक 10वें अंतरराष्ट्रीय जैव विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी सम्मेलन (ICABB 2027) का भव्य आयोजन करने जा रहा है. इसमें देश विदेश से कई स्पीकर्स पहुंच रहे हैं. जिसमें शोधार्थियों को प्रकाशन का बेहतरीन अवसर मिलने वाला है.
इस पूरे आयोजन के मुख्य संरक्षक प्रो. एससी सक्सेना है. वहीं प्रो. पम्मी गौबा व प्रो. रीमा गबरानी इसकी अध्यक्षता करेंगी. जबकि, प्रो. रचना और डॉ. दिवाकर शर्मा इस खास कॉन्फेंस से संयोजक हैं. तीन दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक वैज्ञानिक महामंथन का आधिकारिक मीडिया पार्टनर देश का प्रमुख और विश्वसनीय न्यूज नेटवर्क ‘भारत एक्सप्रेस’ है.
प्रयोगशाला के शोध से समाज के समाधान तक
आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रयोगशालाओं में होने वाले आधुनिक अनुसंधानों को सीधे समाज, स्वास्थ्य और पर्यावरण से जोड़ना है. इसके तहत पारंपरिक भारतीय ज्ञान को अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक्स, टिकाऊ खेती और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ एकीकृत करने की रूपरेखा तैयार की गई है. आयोजन की मुख्य थीम औषधीय पौधों और कृषि जैव प्रौद्योगिकी में प्रगति (स्वास्थ्य और स्थिरता में अनुवादकीय दृष्टिकोण) रखी गई है.
कॉनन्फेंस के मुख्य उद्धेश्य
- पारंपरिक चिकित्सा का आधुनिकीकरण: वैज्ञानिक सत्यापन और रिवर्स फार्माकोलॉजी के जरिए पारंपरिक ज्ञान को मुख्यधारा की चिकित्सा में शामिल करना
- टिकाऊ कृषि समाधान: प्रेसिजन फार्मिंग, फसल सुधार, मृदा संरक्षण और सर्कुलर बायोइकोनॉमी से कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना
- क्लिनिकल नवाचार और उपचार: क्लिनिकल रिसर्च को सीधे उन्नत डायग्नोस्टिक्स और आधुनिक चिकित्सा समाधानों से जोड़ना
- एआई और डेटा साइंस का प्रयोग: बायोटेक्नोलॉजी में खोजों की गति बढ़ाने के लिए बायोइन्फॉर्मेटिक्स, जेनरेटिव एआई और मल्टी-ओमिक्स का लाभ उठाना
- नैनो-थेराग्नोस्टिक्स का विस्तार: सटीक जांच और लक्षित इलाज के लिए आधुनिक नैनो-कैरियर्स तैयार करना.
आयोजित होंगे 5 रिसर्च सत्र
शोधार्थियों, छात्रों और वैज्ञानिकों के लिए सम्मेलन में पांच तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे. प्रतिभागी अपनी विशेषज्ञता और शोध पत्र के अनुसार संबंधित सत्र का चयन कर सकते हैं.
- सत्र 1: पारंपरिक चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा में प्रगति (Traditional Medicine & Healthcare Advancement)
- सत्र 2: टिकाऊ कृषि और पर्यावरण जैव प्रौद्योगिकी (Sustainable Agriculture & Environmental Biotechnology)
- सत्र 3: मेडिकल बायोटेक्नोलॉजी और अनुवादकीय नवाचार (Medical Biotechnology & Translational Innovations)
- सत्र 4: बायोइन्फॉर्मेटिक्स दृष्टिकोण और बायोटेक्नोलॉजी में एआई (Bioinformatics & AI in Biotechnology)
- सत्र 5: थेराग्नोस्टिक्स के लिए नैनो तकनीक (Nanotechnology for Theragnostics)
क्या होगी रजिस्ट्रेशन की प्रोसेस
कार्यक्रम में भाग लेने वाले विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों के लिए पारदर्शी और श्रेणीवार पंजीकरण फी स्ट्रेक्चर तैयार किया गया है. निर्धारित समय सीमा के बाद के बाद पंजीकरण कराने पर 500 रुपये विलंब शुल्क लगेगा. शोधार्थी अपना रजिस्ट्रेशन सीधे ICABB 2027 की वेबसाइट से करा सकते हैं.
| पंजीकरण शुल्क | ||
| श्रेणी | भारतीय प्रतिभागी | विदेशी प्रतिभागी |
| बाहरी छात्र | ₹3,000 | $100 |
| बाहरी फैकल्टी | ₹7,000 | $150 |
| उद्योग जगत | ₹10,000 | $150 |
| गैर-JIIT प्रतिभागी | ₹1,000 | $50 |
जान लें पूरी टाइमलाइन
- 15 अप्रैल 2026: एब्सट्रैक्ट सबमिशन पोर्टल और अर्ली बर्ड रजिस्ट्रेशन की औपचारिक शुरुआत
- सबमिशन के 10 दिनों के भीतर: शोधार्थियों को स्वीकृति (Acceptance Notification) और समीक्षा रिपोर्ट जारी होना.
- 30 अगस्त 2026/30 सितंबर 2026: डिस्काउंटेड अर्ली बर्ड रजिस्ट्रेशन विंडो क्लोज
- 31 सितंबर 2026 /15 अक्टूबर 2026: शोध सारांश (Abstract) जमा करने की अंतिम तिथि
- 15 अक्टूबर 2026 / 30 नवंबर 2026: सम्मेलन के लिए अंतिम पंजीकरण समाप्त होने की तारीख
- 28 से 30 जनवरी 2027: JIIT नोएडा परिसर में तीन दिवसीय इन-पर्सन सम्मेलन का आयोजन
- 15 फरवरी 2027: चयनित शोधार्थियों के लिए पूर्ण शोध पत्र जमा करने की अंतिम समय-सीमा
तीन दिनों में क्या-क्या होगा?
- पहला दिन (बुधवार, 28 जनवरी 2027 – उद्घाटन और मुख्य व्याख्यान)
- दूसरा दिन (गुरुवार, 29 जनवरी 2027 – अनुसंधान और नवाचार)
- तीसरा दिन (शुक्रवार, 30 जनवरी 2027 – भविष्य की दिशा और समापन)
प्रकाशन के अवसर का विश्वस्तरीय मंच
इस प्रतिष्ठित आयोजन में देश-विदेश के शीर्ष वैज्ञानिक मार्गदर्शन देंगे और उत्कृष्ट शोध पत्रों को अंतरराष्ट्रीय इंडेक्स्ड जर्नल्स में स्थान मिलेगा. प्रमुख वक्ता की बात करें तो इसमें शामिल होने के लिए प्रो. समन अबेयसिंघे, प्रो. राजा नायका, डॉ. अलिना चौके, डॉ. अमिताव दास, प्रो. हरिकेश बी. सिंह, प्रो. साबू थॉमस, प्रो. दमन सलूजा, प्रो. कौशिक पाल, प्रो. सोनिका भटनागर, प्रो. शैलजा सिंह, डॉ. आर मुरुगेस्वरन, प्रो. सियामक हघदूस्त, डॉ. शशांक के. प्रसाद, प्रो. इम्तियाज हसन और प्रो. संजीवा श्रीवास्तव पहुंच रहे हैं.
कहां-कहां प्रकाशित हो सकते हैं पेपर
- MedPlants Journal (SCOPUS Indexed)
- World Journal of Advance Pharmaceutical Sciences
- World Journal of Pharmacy and Pharmaceutical Sciences
- Mikky Publication Journals (SCOPUS Indexed)
- अन्य DOI/ISBN युक्त प्रतिष्ठित प्रकाशकों की पुस्तकों में प्रकाशन
भविष्य की दिशा में ऐतिहासिक कदम
यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केवल अकादमिक चर्चा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह आधुनिक जैव विज्ञान की दिशा तय करने वाला एक वैश्विक मील का पत्थर साबित होगा. नोएडा में जुटने वाले वैज्ञानिक और उनके नवाचार आने वाले समय में मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को नई शक्ति देंगे. इस पूरे बौद्धिक महाकुंभ के हर बड़े निष्कर्ष, वैज्ञानिक विमर्श और नवाचार को जन-जन तक पहुंचाने में आधिकारिक मीडिया पार्टनर के रूप में ‘भारत एक्सप्रेस’ अपनी अग्रणी भूमिका निभाएगा. आप इस कॉन्फ्रेंस से जुड़ी अन्य जानकारी यहां क्लिक करके प्राप्त कर सकते हैं.
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