आगरा कैंट GRP ने ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो चलती ट्रेनों के AC कोच में सो रही महिलाओं को निशाना बनाते थे.
Agra Cantt GRP Train Theft: ट्रेन के AC कोच में सफर कर रहे हैं और चैन की नींद सो रहे हैं तो जरा सावधान रहिए. आगरा कैंट GRP ने ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो चलती ट्रेनों के AC कोच में सो रही महिलाओं को निशाना बनाते थे. आरोपी चुपचाप महिलाओं के बैग की जिप खोलते और उसमें रखे जेवर और नकदी लेकर फरार हो जाते थे.
आगरा कैंट GRP ने पीलीभीत निवासी पुनीत और लखनऊ निवासी आकाश पाल को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि दोनों AC-1, AC-2 और AC-3 कोच में वारदात करते थे. पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 25 लाख रुपये कीमत के आभूषण और अन्य चोरी का सामान बरामद किया है.
GRP ने बताया कि दोनों आरोपियों ने फरवरी और अगस्त में आगरा में हुई ट्रेन चोरी की दो बड़ी वारदातों को अंजाम दिया था. इन मामलों की जांच के दौरान पुलिस आरोपियों तक पहुंची. अब पूछताछ के जरिए उनके दूसरे मामलों से जुड़े होने की भी जांच की जा रही है.
नाम – पुनीत
शिक्षा – NEET क्वालिफाइड (2017)
काम – ट्रेन में AC कोच के अंदर रात में सो रहे लोगों के बैग से माल चुराना।
बहन – डॉक्टर
भाई – एयरफोर्स में
पिता – भारतीय फ़ौज से रिटायर्डप्रेमिका को कैंसर हुआ तो इलाज में सारा पैसा लग गया। पैसा खत्म होने पर चलती ट्रेनों के एसी कोच… pic.twitter.com/7wlHKkEwde
— Madan Mohan Soni (@madanmohansoni) September 16, 2026
किसी को भनक तक नहीं लगती
पुलिस के अनुसार आरोपियों का निशाना खासतौर पर ऐसी महिलाएं होती थीं जो AC कोच में सफर के दौरान सो जाती थीं. दोनों मौका देखकर सीट के पास रखे बैग तक पहुंचते और बेहद सावधानी से उसकी जिप खोल देते थे. इसके बाद जेवर और नकदी निकालकर वहां से निकल जाते.
वारदात के बाद आरोपी ट्रेन या अपना इलाका बदल लेते थे, जिससे पुलिस के लिए उनकी गतिविधियों को जोड़ना मुश्किल हो जाता था. एक जिले में घटना के बाद दूसरे जिले या राज्य की ट्रेन को निशाना बनाने का तरीका अपनाने का पुलिस ने दावा किया है.
NEET पास करने और MBBS की पढ़ाई का दावा
पूछताछ में मुख्य आरोपी पुनीत ने पुलिस को बताया कि उसने 2017 में NEET परीक्षा क्वालीफाई की थी. उसका दावा है कि बाद में परीक्षा कैंसिल हो गई थी. उसने MBBS की पढ़ाई से जुड़ी जानकारी भी पुलिस को दी है.
पुनीत ने पूछताछ में यह भी बताया कि उसने कैंसर से पीड़ित अपनी गर्लफ्रेंड के इलाज पर करीब 80 लाख रुपये खर्च किए. वह पहले लखनऊ में हुक्का पार्लर चलाता था. लॉकडाउन के बाद कारोबार बंद हो गया. इसके बाद उसने ट्रेनों में चोरी का रास्ता अपनाया.
पुलिस का दावा है कि पुनीत को महंगे कपड़े पहनने, लग्जरी लाइफस्टाइल और क्लब जाने का शौक था. पैसों की जरूरत और इसी लाइफस्टाइल को बनाए रखने के लिए उसने चोरी को अपना जरिया बना लिया.
जानकारी के मुताबिक पुनीत के खिलाफ अलग-अलग थानों में 27 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं. अब पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और दूसरे मामलों में उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है.
एक वारदात के बाद बदल देते थे जिला
आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए भी एक खास तरीका अपना रखा था. एक जगह चोरी करने के बाद वे अपना इलाका बदल लेते थे और दूसरे जिले से गुजरने वाली ट्रेन को निशाना बनाते थे. इससे अलग-अलग जगह दर्ज मामलों को आपस में जोड़ना पुलिस के लिए चुनौती बन रहा था.
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GRP के सीओ के मुताबिक आरोपियों से पूछताछ जारी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों ने अब तक कितनी ट्रेनों में चोरी की और किन-किन शहरों में वारदात को अंजाम दिया. बरामद सामान को भी पुराने मामलों से जोड़कर देखा जा रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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