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‘कमरे में मिला डॉक्टर का बेसुध शव’! क्या गोरा होने की दवाइयों का ओवरडोज छीन रहा है इंसानी जिंदगियां?

Beauty Supplements Hazards: रंग गोरा करने की सनक और सेल्फ-मेडिकेशन किस कदर जानलेवा साबित हो सकता है, इसकी एक खौफनाक मिसाल अमरावती में देखने को मिली, जहां 22 साल के एक युवा डॉक्टर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई.

गोरा होने की दवाओं का ओवरडोज स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो सकता है.

गोरा होने की दवाओं का ओवरडोज स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो सकता है. (PC: भारत एक्सप्रेस)

Beauty Supplements Hazards:अभिषेक/अमरावती: सुंदर दिखने की चाहत और बिना डॉक्टरी सलाह के दवाइयां लेने की आदत इंसान की जिंदगी पर कितनी भारी पड़ सकती है, इसका एक दुखद मामला अमरावती से सामने आया है. यहां एक 22 वर्षीय युवा डॉक्टर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है.

अमरावती में 22 साल के युवा डॉक्टर आदित्य रावटे की सोते समय संदिग्ध मौत हो गई. शुरुआती जांच में मिर्गी की बीमारी के साथ-साथ खुद से ली जा रही गोरा होने की दवाओं (स्किन व्हाइटनिंग पिल्स) के ओवरडोज या साइड इफेक्ट को मौत का कारण माना जा रहा है. पुलिस विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.

क्या है मामला?

नासिक से हाल ही में बीएचएमएस/बीएएमएस की पढ़ाई पूरी करने वाले 22 वर्षीय प्रशिक्षु डॉक्टर आदित्य रावटे अमरावती के वलगांव थाना क्षेत्र स्थित अपने घर में मृत पाए गए. आदित्य अपने कमरे में बेसुध पड़े मिले और उनकी आंखों से खून निकल रहा था. प्राथमिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सांस रुकने और दिल का दौरा पड़ने को मौत का संभावित कारण बताया गया है, लेकिन घटना के पीछे की असली वजह ने सभी को चौंका दिया है.

गोरा होने वाली दवाओं के ओवरडोज के कारण मौत

परिजनों और प्राथमिक जांच के मुताबिक, आदित्य को बचपन से मिर्गी (एपिलेप्सी) की समस्या थी. इसके साथ ही, वे अपने सांवले रंग को गोरा करने के लिए खुद ही बिना किसी विशेषज्ञ की सलाह के कुछ सप्लीमेंट्स और दवाइयों का सेवन कर रहे थे. आशंका जताई जा रही है कि स्किन व्हाइटनिंग पिल्स (रंग साफ करने की गोलियां) और मिर्गी की दवाओं के आपस में रिएक्शन या गोरा होने वाली दवाओं के ओवरडोज के कारण उनकी जान चली गई.

पुलिस मामला दर्ज कर रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही

विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में मिलने वाली फेयरनेस पिल्स और स्टेरॉयड युक्त सप्लीमेंट्स का लिवर, किडनी और दिल पर सीधा असर पड़ता है. जब इन दवाओं का सेवन बिना डॉक्टरी निगरानी या अन्य बीमारियों की दवाओं के साथ किया जाता है, तो यह ओवरडोज या टॉक्सिसिटी बनकर शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को तुरंत बंद कर सकता है. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मौत की सटीक वजह विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी.

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-भारत एक्सप्रेस 



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