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‘चीखती रहीं महिलाएं, पटरी पर बिछीं लाशें’… यूपी में ट्रेन हादसे का 21 सेकेंड का भयानक VIDEO हुआ वायरल

Pratapgarh News: प्रतापगढ़ में ट्रेन की चपेट में आने से 35 बकरियों की दर्दनाक मौत; बाल-बाल बचीं महिलाएं, पशुपालकों को भारी नुकसान.

हथिगवां में इंटरसिटी एक्सप्रेस की चपेट में आने से बकरियों की मौत हुई.

हथिगवां में इंटरसिटी एक्सप्रेस की चपेट में आने से बकरियों की मौत हुई.

Pratapgarh News: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में बुधवार को एक दर्दनाक रेल हादसा सामने आया, जहां पटरियों पर आए मवेशियों के झुंड से ट्रेन टकरा गई. गनीमत यह रही कि स्थानीय लोगों की सतर्कता से चरवाहों की जान बच गई, लेकिन इस दुर्घटना ने गरीब पशुपालकों को गहरा आर्थिक आघात पहुंचाया है.

हथिगवां थाना क्षेत्र में बारिश के बाद घर लौट रही 30 से 35 बकरियां लखनऊ-प्रयागराज इंटरसिटी एक्सप्रेस की चपेट में आ गईं. महिलाओं ने समय रहते पटरियों से हटकर अपनी जान बचाई. घटना के बाद आरपीएफ ने ट्रैक साफ कराया. इस हादसे से बकरी पालन पर निर्भर पीड़ित परिवारों की आजीविका छीन गई है.

अचानक पटरियों पर आया मवेशियों का झुंड

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के बिशिया इलाके में बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा सामने आया. तेज बारिश रुकने के बाद स्थानीय महिलाएं अपने मवेशियों को चराकर घर की तरफ ले जा रही थीं. हथिगवां थाना क्षेत्र के कृष्णा राम का पुरवा फाटक के पास पहुंचते ही बकरियों का पूरा झुंड अचानक बहककर रेलवे ट्रैक की तरफ बढ़ गया. उसी समय वहां से गुजर रही तेज रफ्तार लखनऊ-प्रयागराज इंटरसिटी एक्सप्रेस की चपेट में आने से करीब 30 से 35 बकरियों की मौके पर ही कटकर मौत हो गई.

स्थानीय लोगों की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा

जिस वक्त ट्रेन पटरियों पर दौड़ी, बकरियों को संभाल रही महिलाएं भी ट्रैक के बेहद करीब थीं. इंजन को तेजी से अपनी तरफ आता देख महिलाओं ने फुर्ती दिखाई और फौरन पटरियों से दूर छलांग लगा दी. आसपास मौजूद ग्रामीणों और राहगीरों ने भी समय रहते शोर मचाकर महिलाओं को खबरदार किया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई और एक बड़ी तबाही होने से बच गई.

10 मिनट तक थमे रहे ट्रेन के पहिए

हादसे के तुरंत बाद चालक ने गाड़ी रोकी, जिससे ट्रेन लगभग 10 मिनट तक वहीं खड़ी रही. सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और हथिगवां पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली. पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से ट्रैक पर फैले अवशेषों को हटवाया और पटरियों की जांच करने के बाद ट्रेन को आगे के लिए हरी झंडी दी.

रो-रोकर बेहाल हुए गरीब पशुपालक

इस अप्रत्याशित घटना ने गरीब ग्रामीण परिवारों की कमर तोड़ दी है. पीड़ित चरवाहे अशोक सरोज और होरी का कहना है कि बकरी पालन ही उनके जीवन यापन और आय का एकमात्र जरिया था. एक ही पल में अपनी मेहनत की कमाई खो देने से परिवार पर गहरा आर्थिक संकट मंडराने लगा है. हथिगवां थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच पूरी कर ली गई है और मामले से जुड़ी अन्य जानकारियां जुटाई जा रही हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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