NCERT की किताब में गुड़ की जगह छपा अश्लील शब्द
Objectionable Word In NCERT Book: ‘चंदा मामा दूर के…’ बचपन में हम सभी लोगों ने ये कविता तो जरूर पढ़ी है. अगर कोई आज भी ये कविता पढ़ने लगता है तो अपने आप हमारी जुबान पर आगे की पंक्तियां आने लगती हैं. ऐसा लगता है कि एक बार फिर हम अपने बचपन में पहुंच गए हैं. लेकिन बिहार में इस कविता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. पटना हाईकोर्ट ने इस मामले पर केंद्र सरकार से जवाब-तलब किया है.
दरअसल NCERT की हिंदी पाठ्यपुस्तिका ‘सारंगी भाग-1’ में प्रकाशित इस कविता की दूसरी पंक्ति को लेकर पटना हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है. कविता को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका में दावा किया गया है कि कविता की दूसरी पंक्ति में अश्लील शब्द का प्रयोग किया गया है. याचिकाकर्ता का दावा है कि इस गलती के चलते कविता का मूल अर्थ बदल गया है. पाठ्यपुस्तिका में इस गलती से महिलाओं की गरिमा प्रभावित होती है.
13 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति सुधीर सिंह की खंडपीठ ने की. कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस मामले में जवाबी हलफनामा दाखिल कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी.

पटना के मुसल्लहपुर निवासी सोमित्र शंकर ने इस मामले को लेकर लोकहित याचिका दायर की है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शोवेन्द्र कुमार ने कोर्ट को बताया कि NCERT की पुस्तक ‘सारंगी भाग-1’ में ‘चंदा मामा दूर के’ कविता की दूसरी पंक्ति में एक शब्द गलत छपा है. उनका कहना है कि शब्द की इस कथित गलती से कविता का अर्थ ही बदल जाता है.
ढाई सालों से गलती को नहीं किया गया ठीक
याचिका में यह भी दावा किया गया है कि पुस्तक में आपत्तिजनक शब्द प्रकाशित होने से महिलाओं की मर्यादा और सामाजिक गरिमा प्रभावित होती है. याचिकाकर्ता के वकील के मुताबिक जब उन्हें इस कथित गलती की जानकारी मिली तो उन्होंने 21 जुलाई को पटना के कदमकुआं स्थित ज्ञान गंगा बुक डिपो से पुस्तक खरीदी और उसमें छपी पंक्ति का सत्यापन किया.
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याचिका में कहा गया है कि संबंधित पुस्तक वर्ष 2023 में प्रकाशित हुई थी. याचिकाकर्ता का दावा है कि प्रकाशन के करीब ढाई साल बाद भी इस कथित गलती को ठीक नहीं किया गया है. उनका कहना है कि अभिभावक या आम लोग पाठ्यपुस्तक में छपी ऐसी गलती को अपने स्तर पर ठीक नहीं कर सकते, क्योंकि यह NCERT की आधिकारिक पुस्तक है.
-भारत एक्सप्रेस
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