बिहार की राजनीति में पटना ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र के आगामी विधान परिषद चुनाव को लेकर माहौल गरमाता नजर आ रहा है. जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने पार्टी के वरिष्ठ नेता और मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है. सिंह ने साफ कहा है कि वह नीरज कुमार को चुनाव में हराने के लिए अपनी पूरी राजनीतिक ताकत लगाएंगे.
पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने अपने रुख को लेकर किसी तरह की अस्पष्टता नहीं छोड़ी. उनका कहना था कि नीरज कुमार का विरोध करने का मतलब जेडीयू के खिलाफ जाना नहीं है. उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि विधान परिषद के ऐसे चुनाव पार्टी के चुनाव चिह्न पर नहीं लड़े जाते.
पुराने मतभेद फिर सामने आए
अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर पुराने राजनीतिक विवादों को लेकर भी कई आरोप लगाए. उनका दावा है कि नीरज कुमार ने पहले भी उनके खिलाफ राजनीतिक तौर पर काम किया था. सिंह ने यह आरोप भी लगाया कि कुमार ने जेडीयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह, जिन्हें ललन सिंह के नाम से जाना जाता है, को कमजोर करने की कोशिश की थी.
सिंह ने यहां तक कहा कि नीरज कुमार को नार्को-एनालिसिस टेस्ट की चुनौती देने को तैयार हैं. उन्होंने दावा किया कि जिन चार विधानसभा चुनावों में उन्होंने उम्मीदवार के तौर पर हिस्सा लिया, उन सभी में नीरज कुमार ने उनका विरोध किया.
अनंत सिंह के मुताबिक, इसी राजनीतिक विरोध की वजह से उन्हें 2015 का विधानसभा चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ना पड़ा था. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब-जब जेडीयू ने ललन सिंह को चुनाव मैदान में उतारा, तब-तब नीरज कुमार ने उनकी आलोचना की.
AK-47 मामले को लेकर भी आरोप
अनंत सिंह ने अपने आवास से जुड़े कथित एके-47 मामले का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में उनके खिलाफ हुई कार्रवाई के पीछे नीरज कुमार की भूमिका थी. इसी मामले में सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
सिंह का कहना है कि उन्होंने पहले भी नीरज कुमार से इस मुद्दे पर कई बार बातचीत की थी और यह जानने की कोशिश की थी कि आखिर उनका लगातार विरोध क्यों किया जा रहा है. लेकिन, उनके मुताबिक, उन्हें ऐसा कोई जवाब नहीं मिला जिससे वह संतुष्ट हो सकें.
इस राजनीतिक खींचतान के बीच अनंत सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे अनुज कुमार सिंह को अपना समर्थन दिया है. बेधना गांव के दौरे के दौरान उन्होंने दावा किया कि पटना ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र के तहत आने वाले विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता अनुज कुमार सिंह के पक्ष में खड़े होंगे और उनकी जीत के लिए काम करेंगे.
इससे मुकाबले की तस्वीर और दिलचस्प हो गई है. एक तरफ जेडीयू के भीतर उम्मीदवार को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हुई है, वहीं दूसरी ओर पार्टी के ही एक प्रभावशाली विधायक द्वारा संभावित निर्दलीय उम्मीदवार का खुला समर्थन चर्चा का विषय बन गया है.
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे मतभेद को खत्म करने के लिए जेडीयू की ओर से सुलह की कोशिश भी की गई. निशांत कुमार के नेतृत्व में इस सिलसिले में एक बैठक बुलाई गई थी. बैठक के बाद अनंत सिंह ने मीडिया से दूरी बनाए रखी.
इसके बाद जेडीयू की ओर से दावा किया गया कि दोनों नेताओं के बीच सुलह हो गई है. हालांकि, बाद की घटनाओं से यह संकेत मिला कि विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था.
नीरज कुमार ने भी इस पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि जेडीयू ने अभी तक उन्हें पटना ग्रेजुएट सीट के लिए आधिकारिक उम्मीदवार घोषित नहीं किया है.
नीरज कुमार ने भी रखा अपना पक्ष
जब नीरज कुमार से अनंत सिंह के समर्थन वाले अनुज सिंह की संभावित निर्दलीय उम्मीदवारी के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने चुनावी संगठन की भूमिका पर जोर दिया. उनका कहना था कि जिन चुनावों में पार्टी के आधार पर मुकाबला होता है, वहां संगठन की ताकत और पोलिंग एजेंटों की तैनाती जैसे मुद्दे अहम होते हैं.
नीरज कुमार ने अपने पिछले चुनावी अनुभव और अपने समर्थकों के आधार का भी उल्लेख किया. हालांकि, उन्होंने अपनी उम्मीदवारी की आधिकारिक घोषणा नहीं होने की बात दोहराई.
पटना ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र का मुकाबला अब सिर्फ जेडीयू के अंदरूनी समीकरणों तक सीमित नहीं रह गया है. आरजेडी ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है, जबकि जन सुराज के भी चुनावी मैदान में उतरने से मुकाबले में एक और राजनीतिक धड़ा जुड़ गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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