डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-चीन संबंधों और जासूसी को लेकर बयान दिया है
Donald Trump on China Spying: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा से पहले दोनों देशों के रिश्तों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा कि चीन के साथ अमेरिका के संबंध फिलहाल अच्छे हैं और शी जिनपिंग के साथ उनकी व्यक्तिगत रिलेशनशिप भी अच्छी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले हफ्ते होने वाली मुलाकात सकारात्मक रहेगी और इस दौरान कई अहम समझौतों पर सहमति बन सकती है.
ट्रंप ने चीन के साथ चल रहे व्यापारिक रिश्तों और टैरिफ का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि चीन अमेरिका को काफी टैरिफ दे रहा है. उनके मुताबिक, इन टैरिफ का चीन की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह ऐसा करना नहीं चाहते थे.
‘अमेरिका भी चीन की जासूसी करता है’
शी जिनपिंग की यात्रा से पहले ट्रंप से चीन की जासूसी को लेकर भी सवाल पूछा गया. इस पर उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि संभव है चीन अमेरिका की जासूसी करता हो, लेकिन अमेरिका भी चीन की जासूसी करता है. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, सुरक्षा और वैश्विक प्रभाव को लेकर लगातार प्रतिस्पर्धा बनी हुई है.
एयरपोर्ट पर खुद स्वागत कर सकते हैं ट्रंप
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ट्रंप की योजना वॉशिंगटन डीसी के बाहर जॉइंट बेस एंड्रयूज पहुंचने पर शी जिनपिंग का खुद स्वागत करने की है. किसी विदेशी नेता के स्वागत के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति का एयरपोर्ट पर पहुंचना आम बात नहीं मानी जाती. अधिकारियों के अनुसार, शी की यात्रा के दौरान व्हाइट हाउस में स्वागत समारोह, रोज गार्डन में सैन्य समीक्षा और शाम को स्टेट डिनर का कार्यक्रम रखा गया है.
इस डिनर में अमेरिकी टेक्नोलॉजी जगत के कई बड़े नामों के शामिल होने की उम्मीद है. इनमें Amazon के जेफ बेजोस, Alphabet के सुंदर पिचाई, OpenAI के सैम ऑल्टमैन, Apple के टिम कुक, Tesla के एलन मस्क, Nvidia के जेनसन हुआंग और Dell Technologies के माइकल डेल शामिल हैं.
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व्यापार से AI तक कई मुद्दों पर होगी चर्चा
शी जिनपिंग की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है. रेयर अर्थ की आपूर्ति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI भी चर्चा के प्रमुख विषयों में रह सकते हैं. ऐसे में यह मुलाकात अमेरिका-चीन संबंधों की आगे की दिशा के लिहाज से अहम मानी जा रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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