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धर्म, क्षमा, विद्या और अहिंसा… पीएम मोदी ने साझा किया महाभारत का खास सुभाषित

PM Modi Sanskrit Shloka: पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संस्कृत का एक सुभाषित साझा किया, जिसमें धर्म, क्षमा, विद्या और अहिंसा को जीवन के महत्वपूर्ण गुण बताया गया है. यह श्लोक महाभारत के उद्योग पर्व की विदुर नीति से जुड़ा है.

PM Modi Sanskrit Shloka

पीएम मोदी ने शेयर किया सुभाषित

PM Modi Sanskrit Shloka: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक संस्कृत सुभाषित साझा किया. इस श्लोक के जरिए उन्होंने धर्म, क्षमा, विद्या और अहिंसा को जीवन में अपनाने का संदेश दिया. प्रधानमंत्री ने श्लोक के साथ इसका हिंदी भावार्थ भी साझा किया, जिसमें जीवन को बेहतर बनाने के लिए इन चार गुणों के महत्व को बताया गया है.

पीएम मोदी ने लिखा, “एको धर्मः परं श्रेयः क्षमैका शान्तिरुत्तमा. विद्यैका परमा तृप्तिरहिंसैका सुखावहा” इसका भावार्थ है कि धर्म मनुष्य को कल्याण और उन्नति की दिशा में ले जाता है. क्षमा मानसिक शांति का श्रेष्ठ साधन है, विद्या वास्तविक संतोष देती है और अहिंसा जीवन में सुख और शांति का आधार बनती है.

महाभारत की विदुर नीति से जुड़ा है श्लोक

यह सुभाषित महाभारत के उद्योग पर्व में शामिल विदुर नीति के अध्याय 33 के श्लोक 48 से लिया गया है. परंपरा के अनुसार, महात्मा विदुर ने यह बात हस्तिनापुर के राजा धृतराष्ट्र को समझाते हुए कही थी. उस समय धृतराष्ट्र अपने पुत्रों के मोह और कई चिंताओं के कारण मानसिक रूप से परेशान थे. विदुर ने उन्हें जीवन, धर्म और नीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण सिद्धांत समझाए थे.

इस श्लोक में धर्म को केवल पूजा-पद्धति या किसी संप्रदाय तक सीमित नहीं किया गया है. यहां धर्म का अर्थ कर्तव्य, नैतिकता और अच्छे आचरण से जोड़ा गया है. संदेश यह है कि धन, प्रतिष्ठा और सत्ता से ऊपर इंसान के कर्म और उसका आचरण उसके जीवन की दिशा तय करते हैं.


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श्लोक में क्षमा को भी विशेष महत्व दिया गया है. किसी के प्रति लगातार गुस्सा या बदले की भावना मन को अशांत करती है, जबकि क्षमा व्यक्ति को भीतर से हल्का और शांत कर सकती है.

इसी तरह विद्या को स्थायी संतोष का आधार बताया गया है. ज्ञान व्यक्ति को अज्ञान से बाहर निकालकर सही-गलत समझने की क्षमता देता है. वहीं अहिंसा और करुणा को ऐसे गुण माना गया है, जो समाज में प्रेम, भाईचारे और शांति को बढ़ावा देते हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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