भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों (72nd National Film Awards) का भव्य आयोजन आज गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) में संपन्न हुआ. इस गरिमामयी समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारतीय सिनेमा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों, निर्देशकों और तकनीशियनों को सम्मानित किया. 1954 में महज 7 पुरस्कारों से शुरू हुआ राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का यह सफर 72 साल बाद आज 45 श्रेणियों (26 फीचर फिल्म, 16 नॉन-फीचर फिल्म, 2 सिनेमा पर लेखन और 1 दादासाहेब फाल्के) तक विस्तार पा चुका है.
कार्तिक आर्यन और ममूटी बने बेस्ट एक्टर, यामी को बेस्ट एक्ट्रेस का ताज
अभिनय की सबसे प्रतिष्ठित श्रेणी में बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन को फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ और मलयालम सिनेमा के सुपरस्टार ममूटी को मिस्ट्री-थ्रिलर फिल्म ‘भ्रमयुगम’ के लिए संयुक्त रूप से ‘बेस्ट एक्टर’ का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया. कार्तिक आर्यन अपने माता-पिता के साथ यह सम्मान लेने पहुंचे थे.
वहीं, फिल्म ‘आर्टिकल 370’ में खुफिया अधिकारी के दमदार किरदार के लिए यामी गौतम को ‘बेस्ट एक्ट्रेस’ के राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया. यामी अपने फिल्म निर्माता पति आदित्य धर के साथ मंच पर पहुंचीं. फिल्म ‘आर्टिकल 370’ को ‘बेस्ट फीचर फिल्म’ का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला. इसके अलावा राजकुमार राव अभिनीत ‘श्रीकांत’ को बेस्ट हिंदी फिल्म चुना गया.
‘केजीएफ’ फेम दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड
भारतीय सिनेमा में पांच दशकों से अधिक समय तक ऐतिहासिक योगदान देने वाले दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को सिनेमा के सर्वोच्च ‘दादा साहेब फाल्के पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया. ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘केजीएफ: चैप्टर 1’ (2018) में वरिष्ठ लेखक और सूत्रधार ‘आनंद इंगलागी’ का किरदार निभाकर नई पीढ़ी के दिलों में खास जगह बनाने वाले अनंत नाग भावुक नजर आए.
सम्मान ग्रहण करने के बाद अनंत नाग ने कहा:
“पिछले साल मुझे महामहिम राष्ट्रपति जी के हाथों पद्म भूषण मिला और इस बार फिल्मों का सबसे बड़ा सम्मान मिला है. यह अवॉर्ड केवल मेरा नहीं, बल्कि उन सभी निर्देशकों, लेखकों, तकनीशियनों और दर्शकों का सम्मान है जिन्होंने मेरे 55 साल के सफर को संवारा. यह देश मेरी जन्मभूमि है, कर्नाटक मेरी कर्मभूमि है और संपूर्ण भारत मेरी धर्मभूमि है.”
रणदीप हुड्डा बने बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर, ‘कल्कि 2898 एडी’ को भी सम्मान
समारोह में अन्य प्रमुख श्रेणियों में भी कई प्रतिष्ठित फिल्में छाई रहीं:
- बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर: रणदीप हुड्डा को फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए मिला.
- बेस्ट पॉपुलर फिल्म: नाग अश्विन निर्देशित तेलुगु साई-फाई महाकाव्य ‘कल्कि 2898 एडी’ को पूर्ण मनोरंजन प्रदान करने वाली सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार दिया गया.
- तमिल सिनेमा: तमिल स्टार धनुष की फिल्म ‘रायन’ को बेस्ट तमिल फीचर फिल्म चुना गया, जबकि उनकी फिल्म ‘कैप्टन मिलर’ को राष्ट्रीय, सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड मिला.
- बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर: अभिनेता संजय मिश्रा को ओटीटी फिल्म ‘भक्षक’ के लिए दिया गया.
संगीत व अन्य श्रेणियां: मनोज मुंतशिर को फिल्म ‘मैदान’ के गाने ‘जाने दो’ के लिए बेस्ट लिरिक्स और विजय गांगुली को ब्लॉकबस्टर ‘स्त्री 2’ के गाने ‘आज की रात’ के लिए बेस्ट कोरियोग्राफी का अवॉर्ड मिला. तेलुगु फिल्म ‘पुष्पा 2: द रूल’ को बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन का पुरस्कार मिला.
टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली से बाहर आयोजन: अश्विनी वैष्णव
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कारों को दिल्ली से बाहर आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर प्रमोट करना है. अगली बार किसी अन्य राज्य के सुंदर टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर इसका आयोजन किया जाएगा. वहीं गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि एकता नगर में पहली बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन होना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है.
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