IIT बॉम्बे छात्र की मौत में प्रोफेसर एंगल फेल?
IIT Bombay Student Death: IIT बॉम्बे के सेकंड ईयर बीटेक छात्र साहिल रविंद्र वाकोडे की मौत के मामले में क्राइम ब्रांच को शुरुआती जांच में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि किसी प्रोफेसर ने उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाया था. हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है.
जातिसूचक टिप्पणी का सबूत नहीं
सूत्रों के मुताबिक, अब तक जांच एजेंसियों को कोई ऐसा गवाह या प्रमाण नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि साहिल के खिलाफ जाति आधारित टिप्पणी की गई थी. छात्र अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाए गए थे. परिवार ने संस्थागत उत्पीड़न और भेदभाव का आरोप लगाया था.
CCTV फुटेज में क्या दिखा?
पुलिस ने कैंपस के कई हिस्सों के CCTV फुटेज खंगाले हैं. इनमें प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को परीक्षा हॉल में साहिल को बाहर जाने के लिए कहते हुए देखा गया है. बताया जा रहा है कि परीक्षा के दौरान साहिल मोबाइल फोन के साथ पकड़े गए थे. इसके बाद फुटेज में उन्हें हॉस्टल की ओर जाते हुए देखा गया.
साहिल के परिवार का क्या आरोप है?
साहिल के परिवार का कहना है कि उन्हें कैंपस में जातिगत भेदभाव और संस्थागत दबाव का सामना करना पड़ा, जिसकी वजह से उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया. परिवार की शिकायत पर पुलिस ने SC-ST एक्ट के तहत केस दर्ज किया है.
प्रोफेसरों से हुई थी पूछताछ
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना वाले दिन प्रोफेसर डूला परीक्षा निगरानी की ड्यूटी पर थे. उन्होंने साहिल को मोबाइल के साथ देखा और बाहर भेजा. बाद में छात्र को विभागाध्यक्ष के ऑफिस ले जाया गया, जहां एक अन्य प्रोफेसर भी मौजूद थे. क्राइम ब्रांच ने डूला समेत उन सभी शिक्षकों से पूछताछ की है जो उस समय मौजूद थे.
डीन पद से हटे प्रोफेसर?
IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने डूला के समर्थन में बयान दिया है. उन्हें छात्र कल्याण डीन के पद से हटा दिया गया है, हालांकि निलंबित नहीं किया गया. बताया गया कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने खुद पद छोड़ दिया.
साहिल के दोस्तों का क्या कहना है?
साहिल के एक करीबी दोस्त ने कहा कि उसे मीडिया में आ रहे जातिगत भेदभाव के आरोपों पर भरोसा नहीं है. उसके मुताबिक, साहिल परीक्षा में नकल करते हुए पकड़े गए थे और प्रोफेसर ने उन्हें बाहर भेजा था. दोस्त ने यह भी बताया कि अनुशासनात्मक समिति ने साहिल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी.
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क्राइम ब्रांच का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है. CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य सबूतों की मदद से पूरे घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश की जा रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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