राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती के अवसर पर देश के गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई दिग्गज नेताओं ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने याद किया कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आजादी के बाद तक दिनकर जी की ओजस्वी रचनाएं आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रप्रेम और सामाजिक चेतना की प्रेरणा देती रहेंगी.
गृह मंत्री अमित शाह ने किया याद
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में राष्ट्रकवि के ऐतिहासिक योगदान को नमन करते हुए लिखा कि अपनी कालजयी रचनाओं से राष्ट्र की चेतना को नई दिशा देने वाले राष्ट्रकवि दिनकर जी की लेखनी में एक ओर जहां स्वाधीनता की हुंकार थी, तो दूसरी ओर मानवीय करुणा की गहराई भी समाहित थी. उन्होंने भारत के जन-मन में राष्ट्रवाद की अलख जगाने का काम किया.
‘पौराणिक प्रसंगों को आधुनिकता से जोड़ा’
अमित शाह ने दिनकर जी की महान कृतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘रश्मिरथी’ और ‘कुरुक्षेत्र’ जैसी अमर रचनाओं के माध्यम से उन्होंने पौराणिक प्रसंगों को आधुनिक दौर के प्रश्नों से जोड़कर हर पीढ़ी को सोचने की एक नई और क्रांतिकारी दृष्टि दी. गृह मंत्री ने कहा कि उनकी ओजस्वी रचनाएं देशवासियों को हमेशा स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देती रहेंगी.
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भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी दी भावभीनी श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दिनकर जी की रचनाओं में राष्ट्रवाद, सामाजिक चेतना और बदलाव की आकांक्षा की सशक्त अभिव्यक्ति मिलती है. वहीं, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आपातकाल विरोधी आंदोलन तक दिनकर जी की रचनाओं ने राष्ट्रीय चेतना को स्वर दिया. उनकी कालजयी कृतियां हमारे सांस्कृतिक स्वाभिमान और मानवीय मूल्यों का सबसे बड़ा प्रतीक हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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