बसपा में बड़ा बदलाव
UP News: बहुजन समाज पार्टी में लगातार हो रही उठापटक के बीच बुधवार को लखनऊ में मायावती ने पदाधिकारियों की अहम बैठक बुलाई. इसी बैठक में उन्होंने अपने भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का नया राष्ट्रीय संयोजक बनाने की घोषणा कर दी. यह कदम उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की रणनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है.
पहले किसके पास थी जिम्मेदारियां?
ईशान आनंद से पहले यह जिम्मेदारी उनके बड़े भाई आकाश आनंद के पास थी लेकिन इसी महीने मायावती ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया. आरोप था कि आकाश ने अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के साथ मिलकर संगठन विरोधी गतिविधियों में हिस्सा लिया. इस कार्रवाई के बाद से ही नए चेहरे की तलाश तेज हो गई थी.
23-09-2026-BSP ALL-INDIA REVIEW MEETING PHOTOS pic.twitter.com/5Ik3eq5Aqc
— Mayawati (@Mayawati) September 23, 2026
ईशान आनंद के बारे में
करीब 27 वर्षीय ईशान आनंद, मायावती के भाई और बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार के छोटे बेटे हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली और नोएडा में हुई. इसके बाद उन्होंने लंदन की यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टमिंस्टर से कानून की पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई खत्म करने के बाद वे पिछले साल से राजनीति में सक्रिय हो गए थे.
पहली बार पार्टी बैठक में कब दिखाई दिए थे ईशान?
ईशान आनंद पहली बार 17 जनवरी 2025 को लखनऊ में मायावती के 69वें जन्मदिन समारोह में दिखाई दिए थे. उसी कार्यक्रम के बाद से ही पार्टी में उनकी सक्रियता और उन्हें बड़ा पद मिलने की चर्चा शुरू हो गई थी. अब राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने के बाद यह साफ हो गया है कि बसपा उन्हें चुनावी राजनीति में अहम भूमिका देने जा रही है.
ये भी पढ़ें-मंत्रियों के लिए पीएम मोदी का चार दिवसीय चिंतन शिविर, चार अहम मुद्दों पर होगा मंथन
चुनावी सियासत पर असर
बसपा का यह फैसला सीधे तौर पर आगामी विधानसभा चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है. मायावती ने जिस तरह अपने भतीजे को आगे बढ़ाया है, उससे साफ है कि पार्टी युवा नेतृत्व को सामने लाकर नई ऊर्जा दिखाना चाहती है. ईशान आनंद की नियुक्ति से संगठन में नई दिशा और रणनीति की उम्मीद जताई जा रही है.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




