पंडित धीरेंद्र शास्त्री का पर्चा निकला झूठा
Dhirendra Krishna Shastri: पर्ची निकालने के लिए मशहूर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एक पर्ची झूठी साबित हुई. उन्होंने एक महिला की पर्ची निकालकर बेटा होने का दावा किया था, लेकिन महिला ने बेटी को जन्म दिया. जिसके बाद महिला ने इसकी शिकायत ‘अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन’ में कर दी. यह खबर सामने आने के बाद बाबा बागेश्वर में श्रद्धा रखने वालों में हड़कंप मच गया.
दरअसल यूपी के झांसी में बेटे की चाह रखने वाले दंपती ने दावा किया कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उनके लिए एक पर्चा बनाया था. जिसमें उन्होंने लिखा था कि पत्नी को प्रेत बाधा होने की वजह से पुत्र रत्न की प्राप्ति नहीं हो पा रही है. उन्होंने पर्ची में लिखा कि इस बार उसका ‘पुत्र योग’ बन रहा है. लेकिन बाबा बागेश्वर के नाम से मशहूर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का दावा झूठा निकला. महिला ने चौथी बार बेटी को जन्म दिया है.
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक झांसी के मऊरानीपुर के रहने वाले राजेंद्र श्रीवास साल 2024 में अपनी पत्नी को लेकर बागेश्वर धाम गए थे. इससे पहले भी वो कई बार बागेश्वर धाम जा चुके थे, जिसकी वजह से इस बार धीरेंद्र शास्त्री ने उनका पर्चा निकाल दिया. उस समय दंपती को तीन बेटियां थी.

पर्ची निकाला बेटे का हो गई बेटी
पंडित धीरेंद्र शास्त्री के इस पर्चे में लिखा था कि उनकी पत्नी को साल 2019 से ही प्रेत बाधा है. इस बार उनका पुत्र योग बन रहा है. धीरेंद्र शास्त्री के पर्चे में पुत्र योग की बात लिखा देख दोनों बहुत खुश हुए. राजेंद्र और उनकी पत्नी आगे बच्चे का प्लान नहीं कर रहे थे, लेकिन धीरेंद्र शास्त्री के दावे (मैं जो लिख देता हूं कोई उसे काट नहीं सकता) से उन्हें उम्मीद जगी. लेकिन जब चौथी बार बेटी हुई तो वे इस मामले को लेकर बाबा बागेश्वर धाम पहुंचे. वे जानना चाहते थे कि आखिर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पर्ची गलत कैसे साबित हुई, तो मंच पर ही उन्हें जलील कर दिया गया.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राजेंद्र से पूछा गया कि जो नामकरण कराना चाहते हैं तो वो उपर आ जाएं. जिसके बाद दंपती मंच पर पहुंचे तो धीरेंद्र शास्त्री से पूछा कि आप बताइए गुरु जी कि ये लाला है या लाली?
पर्चा देखते ही सकपका गए धीरेंद्र शास्त्री
जिसके बाद हमने उन्हें उनका लिखा हुआ पर्चा दे दिया. पर्चा देखते ही पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सकपका गए और बोले कि ‘ये गलत है’. पर जब हमने पूछा कि किससे गलती हुई, तो वहां मौजूद उनके चेलों ने उन्हें मंच से नीचे उतारकर धाम से ही भगा दिया.
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जिसके बाद दंपती ‘अखिल भारतीय अंधश्रधा निर्मूलन समिति’ से संपर्क किया और अपनी पीड़ा बताई. दंपती ने लोगों से अपील की है कि लोग अंधविश्वास में पड़कर गुमराह न हों. वो भगवान पर सवाल नहीं खड़ा कर रहे बस अपना अनुभव साझा कर रहे हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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