पाकिस्तान में जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर 27 सितंबर को होने वाले पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रस्तावित शक्ति प्रदर्शन से पहले देश में अभूतपूर्व तनाव का माहौल बन गया है. शहबाज शरीफ सरकार और फील्ड मार्शल असीम मुनीर के नेतृत्व वाले सैन्य प्रतिष्ठान ने इस्लामाबाद की ओर आने वाले सभी रास्तों को 2,000 से अधिक शिपिंग कंटेनर लगाकर पूरी तरह सील कर दिया है. राजधानी के संवेदनशील ‘रेड जोन’, संसद भवन और दूतावासों की ओर जाने वाले मार्गों पर कंटेनरों को आपस में वेल्ड कर उनमें मिट्टी व बजरी भर दी गई है तथा ऊपर लोहे की नुकीली कीलें (स्पाइक्स) लगा दी गई हैं.
दो महीने के लिए धारा 144 लागू, राजधानी में छावनी जैसा पहरा
हालात की गंभीरता को देखते हुए इस्लामाबाद प्रशासन ने राजधानी में अगले दो महीनों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 लागू कर दी है, जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के जुटने, रैलियों और प्रदर्शनों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. पंजाब प्रांत में भी 13 दिनों के लिए धारा 144 लगा दी गई है और रावलपिंडी, अटक, झेलम व मियांवाली में पैरामिलिट्री रेंजर्स तैनात करने की मांग की गई है.
सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 35,000 अतिरिक्त पुलिस व अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं और 24 शैक्षणिक संस्थानों को सुरक्षाबलों के ठहरने के लिए अधिग्रहित किया गया है. खैबर पख्तूनख्वा से जोड़ने वाले खैबर हाईवे और अटक बॉर्डर पर खाइयां तक खोद दी गई हैं. पाकिस्तान के प्रमुख अंग्रेजी दैनिक ‘डॉन’ (The Dawn) ने तीखी टिप्पणी करते हुए लिखा है कि जिस पैमाने पर कंटेनर बिछाए जा रहे हैं और खाइयां खोदी जा रही हैं, उससे लगता है कि सरकार किसी राजनीतिक कार्यक्रम की नहीं, बल्कि किसी विदेशी आक्रमण (Invasion) से निपटने की तैयारी कर रही है.
इमरान की तीनों बहनें 30 दिन की हिरासत में, बेटों ने जताई चिंता
प्रदर्शन की आंच को दबाने के लिए सरकार ने इमरान खान के परिवार पर सख्त शिकंजा कस दिया है. पिछले दिनों पंजाब मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (MPO) के तहत इमरान की तीनों बहनों— अलिमा खान, उजमा खान और नोरीन नियाजी को 30 दिनों के लिए हिरासत में लेकर लाहौर की कोट लखपत जेल भेज दिया गया है. देश भर में अब तक 1,500 से अधिक पीटीआई कार्यकर्ताओं और 6 सांसदों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
इस बीच, कई सालों से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद 73 वर्षीय इमरान खान की शारीरिक और मानसिक स्थिति को लेकर सवाल गहराते जा रहे हैं. लंदन में मौजूद उनके बेटों कासिम खान (27) और सुलेमान खान (29) ने एक अंतरराष्ट्रीय साक्षात्कार में गहरी चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि उनके पिता को जेल में एकांत कारावास में रखकर शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है. इससे पूर्व, दुनिया भर के 21 दिग्गज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों ने भी पाकिस्तानी हुकूमत को पत्र लिखकर इमरान खान की सलामती और निष्पक्ष मानवीय व्यवहार की गुहार लगाई थी.
अस्पतालों में मास कैजुअल्टी अलर्ट, PTI बोली- ‘पीछे नहीं हटेंगे’
खुफिया रिपोर्टों और टकराव की आशंका को देखते हुए इस्लामाबाद के प्रमुख अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है. डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और पहले से तय सर्जिकल ऑपरेशनों को टालकर ‘मास कैजुअल्टी’ (बड़े पैमाने पर हताहतों) के लिए बेड आरक्षित किए गए हैं.
दूसरी ओर, पीटीआई नेतृत्व, ‘किसान इत्तेहाद’ और ‘जमात-ए-इस्लामी’ ने स्पष्ट किया है कि वे झुकेंगे नहीं. खैबर पख्तूनख्वा, कराची और पंजाब के विभिन्न शहरों से लाखों कार्यकर्ता इमरान खान और उनकी बहनों की रिहाई, मंहगाई तथा अलोकतांत्रिक दमन के खिलाफ इस्लामाबाद की ओर कूच करने के लिए पूरी तरह लामबंद हैं.
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