Mahadev Betting App Controversy: बहुचर्चित और करोड़ों के अवैध कारोबार से जुड़े महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक और बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है. जांच एजेंसी ने इस मामले के मुख्य सरगना (किंगपिन) और वांटेड आरोपी अभिषेक कुमार को दुबई से भारत लौटते ही हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से धर दबोचा है. गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया, जहाँ स्थानीय अदालत ने आरोपी को दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेज दिया है.
दुबई से अवैध साम्राज्य का संचालन (mahadev betting app latest update)
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, ऑनलाइन बेटिंग और जुए के अवैध संचालन में अभिषेक कुमार की भूमिका बेहद अहम रही है. वह मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी के साथ मिलकर इस पूरे नेटवर्क को संभालता था. बेटिंग से अर्जित अवैध रकम के जरिए दुबई में भारी-भरकम अचल संपत्तियां खरीदने के भी गंभीर आरोप उस पर हैं.
गिरफ्तारी के तुरंत बाद ली गई तलाशी के दौरान एजेंसी को कई महत्वपूर्ण और आपत्तिजनक सामग्रियां हाथ लगी हैं, जो प्रथमदृष्टया महादेव ऐप के संचालन में उसकी संलिप्तता को पूरी तरह साबित करती हैं.
अब तक 100 आरोपियों, 8 चार्जशीट दाखिल (celebs in mahadev betting app)
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस हाई-प्रोफाइल मामले से जुड़ी 13 एफआईआर (FIR) को सीबीआई को ट्रांसफर किया गया था. जांच एजेंसी अब तक इस मामले में करीब 100 आरोपियों के खिलाफ 8 चार्जशीट दाखिल कर चुकी है. इन आरोपियों में ऐप के प्रमोटर, ऑपरेटर्स, हवाला कारोबारी और कुछ सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं.
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इसके अलावा, मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर समेत अन्य फरार आरोपियों को भारत लाकर कानून के कटघरे में खड़ा करने के लिए रेड कॉर्नर नोटिस और प्रत्य extradition (प्रत्यर्पण) की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है. सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि अवैध सट्टेबाजी से जुड़े हर एक चेहरे को बेनकाब करने और अपराध से कमाई गई संपत्ति का पता लगाने के लिए जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है.
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