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टैरिफ वॉर के बीच दुश्मनी भूल दोस्त बने ट्रंप-जिनपिंग? व्हाइट हाउस में हाथ मिलाते ही कर दिया बड़ा ऐलान

Donald Trump Xi Jinping White House Meeting: व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात में दोस्ती और सहयोग पर जोर दिया गया.

Donald Trump Xi Jinping White House Meeting

दुश्मन बनते-बनते बन गए दोस्त?

Donald Trump Xi Jinping White House Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच गुरुवार को व्हाइट हाउस में मुलाकात हुई. इस मौके पर ट्रंप ने कहा कि शी जिनपिंग ऐसे पहले चीनी राष्ट्रपति हैं जो दूसरी बार आधिकारिक दौरे पर व्हाइट हाउस पहुंचे हैं. ट्रंप ने इस मुलाकात को ऐतिहासिक बताया और कहा कि 2016 में जब वे पहली बार राष्ट्रपति बने थे तब से उनकी और शी जिनपिंग की दोस्ती काफी मजबूत हुई है. उन्होंने यह भी बताया कि यह पहला मौका है जब दोनों नेता व्हाइट हाउस के अंदर बैठकर बातचीत कर रहे हैं और पिछली बार की तुलना में अब हालात काफी बदल चुके हैं.

व्यापार और पुराने रिश्तों पर ट्रंप ने क्या कहा?

अपने संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें अमेरिका और चीन के रिश्तों पर गर्व है. उन्होंने कहा कि दोनों देश अब व्यापार को ज्यादा बराबरी के स्तर पर लाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि किसी एक को नुकसान न हो. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और चीन का रिश्ता बहुत पुराना है और सदियों से दोनों देशों के बीच संपर्क रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि इस बैठक में सुरक्षा, नई टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे गंभीर विषयों पर बात होगी और इन मामलों में लिया गया फैसला अगले कई सालों तक दुनिया में शांति और तरक्की के लिए अहम होगा.

जिनपिंग ने अमेरिका को स्वतंत्रता दिवस की दी बधाई

डोनाल्ड ट्रंप के बाद शी जिनपिंग ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि उन्हें अमेरिका आकर बहुत अच्छा लग रहा है और यह देश वाकई खूबसूरत है. उन्होंने ट्रंप और उनके परिवार का शुक्रिया अदा किया कि उन्होंने इतना अच्छा स्वागत किया. इसी के साथ उन्होंने अमेरिका को उसकी आजादी के 250 साल पूरे होने पर बधाई भी दी. जिनपिंग ने कहा कि यह अमेरिका के लिए बहुत बड़ा मौका है और इस जश्न में शामिल होकर उन्हें खुशी हो रही है.

दोनों देश महान, दोस्ती जारी रहेगी – जिनपिंग

चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि चीन और अमेरिका दोनों ही दुनिया के बड़े और ताकतवर देश हैं और दोनों देशों के नागरिक भी बेहद मेहनती और महान हैं. उन्होंने कहा कि वे इसी दोस्ती को आगे बढ़ाने और दोनों देशों के बीच सहयोग को और बड़ा करने के इरादे से अमेरिका आए हैं. जिनपिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका जैसे दो बड़े देशों के ऊपर पूरी दुनिया को आगे ले जाने की बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मिलकर दोनों देशों के रिश्तों की नाव को एक बेहतर और स्थिर भविष्य की तरफ ले जाना चाहते हैं.

हमेशा संपर्क में रहते हैं दोनों नेता

शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका भले ही अलग-अलग सोच वाले देश हैं लेकिन अगर दोनों के बीच खुलकर और लगातार बातचीत होती रहे तो एक-दूसरे को समझना आसान हो जाएगा और भरोसा भी बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि वे और डोनाल्ड ट्रंप एक-दूसरे की इज्जत करते हैं और लगातार एक-दूसरे के टच में रहते हैं. जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों के पास मिलकर काम करने के बहुत सारे मौके हैं. उन्होंने कहा कि यह सच है कि चीन और अमेरिका मिलकर भी दुनिया की सारी परेशानियां खत्म नहीं कर सकते लेकिन अगर दोनों साथ नहीं आए तो कई बड़ी समस्याओं का हल निकालना लगभग नामुमकिन हो जाएगा.

AI और चीनी कंपनियों पर जिनपिंग ने रखी अपनी बात

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर जिनपिंग ने कहा कि उनकी इच्छा है कि अमेरिका में काम कर रही चीनी कंपनियों के साथ अच्छा और बराबरी वाला बर्ताव किया जाए. उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन दोनों की जिम्मेदारी है कि AI का इस्तेमाल सिर्फ अच्छे कामों के लिए हो और यह हमेशा इंसानों के कंट्रोल में रहे ताकि आम लोगों को इसका फायदा मिले. व्यापार को लेकर उन्होंने कहा कि चीन अमेरिका के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है और दोनों के बीच जो भी मुकाबला हो वह हेल्दी होना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह दौड़ एक-दूसरे से बेहतर करने की होनी चाहिए, न कि यह साबित करने की कि कौन जीता और कौन हारा.

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पांडा और छात्रों का दिया तोहफा

अपने भाषण के आखिर में शी जिनपिंग ने दूसरे विश्व युद्ध के समय को याद किया जब चीनी और अमेरिकी सैनिकों ने फासीवाद के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी थी. उन्होंने कहा कि चीन के लोग उस दौर को कभी नहीं भूले हैं और अमेरिकी लोग भी उसे याद रखते हैं. इसी दोस्ती को आगे बढ़ाने के लिए जिनपिंग ने दो बड़े ऐलान किए. पहला, अगले पांच साल में एक लाख अमेरिकी छात्रों को पढ़ाई और एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत चीन आने का न्योता दिया. दूसरा, उन्होंने कहा कि चीन की तरफ से दोस्ती के प्रतीक के तौर पर दो पांडा अटलांटा के चिड़ियाघर में भेजे जाएंगे जहां अमेरिकी लोग उन्हें देख सकेंगे.

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-भारत एक्सप्रेस



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