डॉक्टरों की हड़ताल से हेल्थ सिस्टम चरमराया
Bihar News: बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ यानी भासा के प्रदेश नेतृत्व के निर्देश के बाद सरकारी डॉक्टर काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. पूरे बिहार में गुरुवार से हड़ताल का असर दिख रहा है, जबकि नवादा जिले में शुक्रवार से डॉक्टरों ने ओपीडी का बहिष्कार कर दिया है.
नवादा सदर अस्पताल में ओपीडी पूरी तरह बंद
हड़ताल की वजह से नवादा सदर अस्पताल में दोपहर के बाद से आउट पेशेंट विभाग में ताला लग गया. दूर-दराज के गांवों से इलाज कराने आए मरीज घंटों लाइन में लगे रहे, लेकिन डॉक्टर नहीं मिलने से उन्हें मायूस होकर घर वापस जाना पड़ा.
इमरजेंसी और डिलीवरी सेवा पर नहीं पड़ा असर
हालांकि जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस विरोध प्रदर्शन में गंभीर मरीजों को परेशान नहीं किया जाएगा. अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड और प्रसव कक्ष की सेवाएं पहले की तरह चलती रहीं, ताकि किसी की जान पर खतरा न आए.
सहरसा की घटना बनी हड़ताल की वजह
भासा के जिला सचिव डॉक्टर एसएस मंगलम ने इस हड़ताल की वजह बताई. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले सहरसा में खबर कवर करने गए एक यूट्यूबर पत्रकार के साथ डॉक्टरों की कहासुनी और हाथापाई हो गई थी. इस मामले में सरकार डॉक्टरों पर एक्शन ले रही है, जिससे डॉक्टर आक्रोशित हैं.
निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हैं डॉक्टर
डॉक्टरों का कहना है कि सरकार बिना पूरी सच्चाई जाने एकतरफा कार्रवाई कर रही है. उनकी मांग है कि इस पूरे विवाद की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और बनने वाली जांच टीम में भासा के प्रतिनिधियों को भी जगह दी जाए. जब तक मांग नहीं मानी जाती हड़ताल जारी रहेगी.
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मरीजों में अफरा-तफरी, डॉक्टर मौके पर मौजूद
ओपीडी बंद होने से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा. कई मरीज इलाज न मिलने से नाराज दिखे. इस दौरान सदर अस्पताल में उपाधीक्षक डॉक्टर एसडी अरैयर के साथ डॉक्टर शंभुक, शशिकांत, राकेश कुमार, राजीव कुमार, नीलम कुमारी, संतोष कुमार, ललिता कुमारी और स्वीटी कुमारी सहित अन्य चिकित्सक अस्पताल परिसर में मौजूद रहे.
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-भारत एक्सप्रेस
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