चंडीगढ़: शहर में महिला उद्यमिता और तकनीकी सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से ‘कॉन्फेडरेशन ऑफ विमेन एंटरप्रेन्योर्स’ (COWE) के दिल्ली चैप्टर की ओर से WISE 4.0 (Women’s International Summit) का भव्य आयोजन किया गया. इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ‘भारत एक्सप्रेस’ न्यूज नेटवर्क मीडिया पार्टनर की भूमिका निभा रहा है. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य टियर-2, टियर-3 और देश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली महिला उद्यमियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजारों से जोड़कर एक स्थायी और आत्मनिर्भर भविष्य की नींव तैयार करना रहा.
तकनीक और AI के जरिए मजबूत होंगी महिला-संचालित MSMEs
सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आज के डिजिटल युग में महिलाओं के नेतृत्व वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को मजबूत बनाना देश की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत आवश्यक है. कार्यक्रम में रेखा शर्मा के संबोधन ने सबका ध्यान खींचा. रेखा शर्मा राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, वे भाजपा से राज्यसभा सांसद भी रही हैं. उन्होंने कहा कि भारत की ग्रामीण और छोटे शहरों की महिलाओं के पास अद्भुत हुनर और उद्यमशीलता है. जब इन महिला उद्यमियों को AI टूल्स, डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक सप्लाई चेन से जोड़ा जाएगा, तो वे स्थानीय सीमाओं को पार कर वैश्विक बाजारों तक अपनी पहुंच बना सकेंगी. तकनीक से सशक्त होकर महिलाएं अपने उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग और ब्रांडिंग कर सकेंगी.
जमीनी स्तर पर सहयोग और नेतृत्व का संकल्प
मंच से बोलते हुए प्रतिनिधियों और गणमान्य अतिथियों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में महिला-नेतृत्व वाले विकास (Women-Led Development) को मुख्यधारा में लाया गया है. वक्ताओं ने मंच पर मौजूद संजय टंडन और प्रमुख महिला नेतृत्व का उल्लेख करते हुए आश्वासन दिया कि जो भी महिलाएं उद्यमिता के क्षेत्र में अपने सपनों को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहती हैं, उन्हें नीतिगत, तकनीकी और जमीनी स्तर पर हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी.
ड्रोन दीदी और लखपति दीदी जैसी योजनाओं की की गूंज
कार्यक्रम में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं, विशेष रूप से ‘ड्रोन दीदी’ और ‘लखपति दीदी’ की उपलब्धियों को रेखांकित किया गया. वक्ताओं ने साझा किया कि जब ग्रामीण महिलाओं को नई तकनीक अपनाने का अवसर दिया गया, तो उन्होंने बिना किसी झिझक के ड्रोन संचालन सीखा. आज हजारों प्रशिक्षित महिलाएं आधुनिक खेती में ड्रोन का उपयोग कर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं. वहीं, ‘लखपति दीदी’ के लक्ष्यों को पार कर महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन मिलने पर वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं.
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