केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस सवाल पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने पूछा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव क्यों नहीं हारते. जोशी ने इस सवाल को ही अजीब करार देते हुए कहा कि कांग्रेस को अपनी चुनावी हार की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री मोदी पर डालने के बजाय अपने प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए.
बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जोशी ने कहा कि अगर राहुल गांधी यह पूछ रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी चुनाव क्यों नहीं हारते, तो सवाल यह भी होना चाहिए कि कांग्रेस कई राज्यों में चुनाव क्यों नहीं हारती. उन्होंने कर्नाटक, तमिलनाडु, झारखंड और जम्मू-कश्मीर का उदाहरण देते हुए कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर सवाल उठाया.
जोशी ने कहा कि किसी पार्टी की जीत या हार के लिए दूसरे नेता को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है. उनके मुताबिक कांग्रेस को अपनी चुनावी रणनीति और प्रदर्शन की समीक्षा करनी चाहिए.
सूखे को लेकर कर्नाटक सरकार पर निशाना
केंद्रीय मंत्री ने कर्नाटक में सूखे की स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार संकट को गंभीरता से नहीं ले रही है और अपनी कमियों के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहरा रही है.
जोशी ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष यानी एनडीआरएफ से मदद मांगने से पहले राज्य सरकार को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष यानी एसडीआरएफ के तहत उपलब्ध राशि का इस्तेमाल करना चाहिए. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्रियों बीएस येदियुरप्पा और बसवराज बोम्मई की सरकारों का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में पहले एसडीआरएफ से राशि जारी की गई और उसके बाद केंद्र से सहायता मांगी गई थी.
उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से पुराने रिकॉर्ड देखने की बात भी कही.
किसानों और सूखा प्रभावित इलाकों पर सवाल
जोशी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार किसानों के लिए तय एसडीआरएफ की राशि भी खर्च कर चुकी है और अब अपनी वित्तीय मुश्किलों से ध्यान हटाने के लिए केंद्र पर आरोप लगा रही है. हालांकि ये दावे केंद्रीय मंत्री के हैं और राज्य सरकार का पक्ष इस बयान में शामिल नहीं है.
उन्होंने सूखा प्रभावित तालुकों की पहचान को लेकर भी सवाल उठाए. जोशी का दावा है कि कुछ विधानसभा क्षेत्रों को राजनीतिक दबाव के चलते सूखा प्रभावित इलाकों की सूची में शामिल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जिन विधायकों ने इस्तीफा देने की चेतावनी दी, उनके क्षेत्रों को भी इस सूची में जगह दी गई.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र कर्नाटक के हितों को लेकर प्रतिबद्ध है. उनके मुताबिक केंद्रीय टीम सूखे की स्थिति का आकलन करेगी और उसकी रिपोर्ट के आधार पर एनडीआरएफ से सहायता देने पर विचार किया जाएगा.
कर्ज माफी और वित्तीय प्रबंधन का मुद्दा
किसानों की कर्ज माफी की मांग पर जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार कर्नाटक के लोगों के हित में उचित कदम उठाएगी. इसके साथ ही उन्होंने राज्य की कांग्रेस सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए. जोशी ने दावा किया कि राज्य के वित्त विभाग की ओर से ही योजनाओं के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई है. उन्होंने सरकार में महत्वपूर्ण पदों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि भ्रष्टाचार व्यापक स्तर पर फैला हुआ है. अपने आरोपों को सामने रखते हुए उन्होंने एक कथित मामले का जिक्र किया. जोशी के मुताबिक जमीन के रिकॉर्ड में सुधार करने के लिए एक तहसीलदार ने कथित तौर पर 50 लाख रुपये की मांग की थी. इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध नहीं है.
कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के मुद्दे पर भी जोशी ने कर्नाटक सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस मामले की जिम्मेदारी केंद्र पर डालने की कोशिश कर रही है.
जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार पर्यावरण से जुड़े अध्ययनों, विशेषज्ञों की राय और उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने के बाद इस मामले में फैसला करेगी. यानी कस्तूरीरंगन रिपोर्ट को लेकर भी केंद्र और राज्य के बीच मतभेद का मुद्दा राजनीतिक बहस में बना हुआ है.
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-भारत एक्सप्रेस
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