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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी: पुलिस की विवेचना रिपोर्ट में CCTV से 105 घटनाएं उजागर, 8 आरोपियों पर शिकंजा; भारत एक्सप्रेस के पास चार्जशीट

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में ‘भारत एक्सप्रेस’ के पास पुलिस की आधिकारिक चार्जशीट मौजूद है. 8 आरोपियों के खिलाफ सीसीटीवी फुटेज, बैंक खातों और चल-अचल संपत्तियों के पुख्ता डिजिटल साक्ष्य मिले हैं. पढ़ें विस्तृत एक्सक्लूसिव रिपोर्ट.

Champat Rai Resigns Former IFS Krishna Mohan Takes Charge Of Ram Mandir Trust
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

मनमीत, भारत एक्सप्रेस


अयोध्या (25 सितंबर 2026): अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित चढ़ावे की चोरी और आपराधिक न्यास भंग (Criminal Breach of Trust) के मामले में विशेष विवेचना रिपोर्ट से सनसनीखेज खुलासे हुए हैं. ‘भारत एक्सप्रेस’ के पास पुलिस द्वारा अदालत में दाखिल आरोप पत्र (Charge Sheet No. 114/2026) की प्रति मौजूद है. पुलिस उपाधीक्षक (Dy. SP) आशुतोष तिवारी द्वारा दाखिल इस आरोप पत्र में 8 मुख्य आरोपियों के खिलाफ सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल फॉरेंसिक, मोबाइल चैट, सीडीआर और बैंक खातों के पुख्ता तकनीकी साक्ष्य पेश किए गए हैं.

CCTV फुटेज में कैद हुआ गबन का खेल

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, गणना कक्ष (भूतल कक्ष संख्या 16) के सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया, जिसमें दान/चढ़ावे की रकम हटाने और छिपाने की घटनाओं का पर्दाफाश हुआ:

  • अविनाश शुक्ला उर्फ शनि: कुल 85 बार चढ़ावे की रकम को हटाकर अपने पास रखते हुए और 4 बार अन्य अभियुक्तों की मदद करते हुए फुटेज में रिकॉर्ड हुआ.
  • करुणेश पाण्डेय: 2 बार सीधे रकम हटाते और 68 बार अन्य सह-अभियुक्तों का सहयोग करते हुए दिखा.
  • मनीष कुमार यादव: 16 बार रकम हटाते और 19 बार सहयोग करते हुए कैमरे में कैद हुआ.
  • लवकुश मिश्रा: 1 बार रकम हटाते और 52 बार सह-अभियुक्तों की मदद करते हुए रिकॉर्ड हुआ.
  • अनुकल्प मिश्रा: 56 बार अन्य आरोपियों को दान की रकम हटाने में सहयोग करते पाया गया.
  • रमाशंकर मिश्रा: 1 बार चढ़ावे की रकम हटाते हुए रिकॉर्ड हुआ.

सुभाष श्रीवास्तव (तत्कालीन गणना कक्ष प्रभारी): इनकी मौजूदगी में अविनाश शुक्ला रकम हटाते हुए दिखा, लेकिन सेवानिवृत्त बैंक कर्मी होने के बावजूद इन्होंने न तो कर्मियों की तलाशी कराई और न ही कोई कार्रवाई की.

चोरी की रकम से खरीदे मकान, कारें और कराई भागवत कथा

विवेचना रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने अपराध से अर्जित अवैध धनराशि का इस्तेमाल संपत्ति खड़ी करने में किया:

अनुकल्प मिश्रा: पिता रवीन्द्र कुमार मिश्रा के नाम कौशलपुरी में ₹55 लाख का मकान खरीदा गया, जिसमें अपराध की भारी रकम लगाई गई. इसके अतिरिक्त ₹3 लाख नकद देकर स्विफ्ट डिजायर कार खरीदी और ₹7.33 लाख भागवत कथा के आयोजन पर खर्च किए.

लवकुश मिश्रा: पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम जमीन खरीदने में ₹22.52 लाख और मकान निर्माण में ₹20.91 लाख (कुल ₹43.43 लाख) चढ़ावे की चोरी की रकम से खर्च किए.

अविनाश शुक्ला: भाई को ब्रेजा कार (UP42AP6054) खरीदने के लिए ₹3 लाख, शादी के लिए ₹6 लाख कैश और लोन चुकाने के लिए लाखों रुपये दिए.

रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू: अपने पुत्र के नाम ₹9.50 लाख की प्रॉपर्टी, अर्टिगा कार (UP42BN8546) और बुलेट मोटरसाइकिल (UP42BS8549) खरीदी.

रमाशंकर मिश्रा: संयुक्त रूप से ₹12 लाख का प्लॉट खरीदा, ₹1.03 लाख का महंगा कैमरा और सोने-चांदी की अंगूठियां खरीदीं.

लाखों की नकदी, डॉलर और आभूषणों की भारी बरामदगी

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही और ट्रस्ट के लॉकर से निम्नलिखित संपत्तियां व नकदी बरामद की है:

अविनाश शुक्ला: ₹20,39,220 नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर, 159.54 ग्राम सफेद धातु, पीली धातु की चेन व अंगूठी और ब्रेजा कार.

करुणेश पाण्डेय: ₹18,07,063 नकद और बाद में ₹10,500 अतिरिक्त बरामद.

अनुकल्प मिश्रा: ₹16,82,040 नकद, ₹15,000 अतिरिक्त, डिजायर कार और पीली धातु की चेन.

लवकुश मिश्रा: ₹14,25,000 नकद, ₹34,500 अतिरिक्त और पीली धातु का लॉकेट.

रमाशंकर मिश्रा: ₹7,32,170 नकद, ₹13,000 अतिरिक्त, सफेद धातु का सिक्का और बिछिया.

मनीष यादव: ₹2,00,000 नकद और ₹17,000 अतिरिक्त बरामद.

रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू: ₹1,00,000 नकद, अर्टिगा कार और बुलेट बाइक बरामद.

चंपत राय के बयान में 4 जून की घटना और बाथरूम से बरामदगी का जिक्र

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि 4 जून 2026 की रात जब वे ट्रेन से आ रहे थे, तब कर्मी आनंद कुमार चौधरी ने उन्हें वीडियो और मैसेज भेजकर सूचना दी कि काउंटिंग रूम के बाथरूम से नोटों की गड्डियां बरामद हुई हैं, जिसमें कुल ₹2,25,000 थे.

अन्य गणना कर्मियों ने बताया कि जब गेट पर तलाशी शुरू की गई, तो घबराकर आरोपियों ने नोटों के बंडल बाथरूम में छिपा दिए थे. जांच में सामने आया कि आरोपी मोबाइल चैट पर कोडवर्ड में बात करते थे और बंडलों की अदला-बदली करते थे. पुलिस ने सभी 8 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 316(5), 317(2), 317(5), 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a)/13(2) के तहत अपराध सिद्ध पाते हुए अदालत में चालान पेश कर दिया है.



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