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‘डर और थकान से मुक्त मशीनी सैनिक’… रूस को मात देने के लिए यूक्रेन का सबसे बड़ा दांव; देखें VIDEO

Russia Ukraine War: रूस के साथ जारी युद्ध के बीच यूक्रेन ने ‘रोबोट आर्मी’ कार्यक्रम की शुरुआत की है. खतरनाक अभियानों में मानव सैनिकों की जगह अब ऑटोनॉमस रोबोट तैनात किए जाएंगे.

युद्ध के मैदान में तैनात यूक्रेनी रोबोट सेना

Russia Ukraine War: रूस के साथ जारी संघर्ष के बीच यूक्रेन ने युद्ध के मैदान में बड़ा तकनीकी बदलाव किया है. सफल ड्रोन नेटवर्क के बाद अब यूक्रेन ने अपनी ‘रोबोट आर्मी’ का ऐलान कर दिया है, जिससे युद्धभूमि के सबसे खतरनाक काम मशीनों के हवाले किए जाएंगे.

यूक्रेन ने मिखाइलो फेडोरोव के नेतृत्व में ‘रोबोट आर्मी’ कार्यक्रम लॉन्च किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य सैनिकों की जान बचाना और युद्ध अभियानों को रोबोटिक बनाना है. इसके तहत घायल सैनिकों को निकालने, बारूद पहुंचाने और टोह लेने जैसे काम रोबोट करेंगे, जिसके लिए निजी कंपनियों और विदेशी इंजीनियरों को भी साथ जोड़ा जा रहा है.

रूस के खिलाफ यूक्रेन का बड़ा दांव: युद्ध के मैदान में उतरेगी ‘रोबोट आर्मी’

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन ने अपने सैनिकों की जान बचाने और युद्ध रणनीति को मजबूत करने के लिए ‘रोबोट आर्मी’ (Robot Army) नाम से एक नया और अत्याधुनिक कार्यक्रम शुरू किया है. लविवि में आयोजित आईटी एरिना 2026 सम्मेलन के दौरान पूर्व यूक्रेनी अधिकारी मिखाइलो फेडोरोव ने इस महत्वाकांक्षी पहल का अनावरण किया. ड्रोन सेना की अभूतपूर्व सफलता के बाद अब यूक्रेन का लक्ष्य युद्ध के मैदान में खतरनाक और हाई-रिस्क वाले कार्यों को स्वचालित बनाना है.

हाई-रिस्क जोन में मशीनों की तैनाती

‘रोबोट आर्मी’ प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य युद्ध के अग्रिम मोर्चे पर सैनिकों के जोखिम को कम करना है. इस तकनीक के जरिए घायल सैनिकों को सुरक्षित बाहर निकालने, अग्रिम चौकियों तक गोला-बारूद पहुंचाने, सुरंग बिछाने, खुफिया टोह लेने और सीधे दुश्मन के लक्ष्यों पर सटीक हमला करने जैसे जोखिम भरे काम रोबोट संभालेंगे. इससे मानव सैनिकों को सीधे खतरे वाले इलाकों में जाने से राहत मिलेगी.

निजी क्षेत्र और ग्लोबल टैलेंट का सहयोग

मिखाइलो फेडोरोव सरकार के बाहर से एक स्वतंत्र ईकोसिस्टम बनाकर इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं. इसके लिए एक विशेष पोर्टल लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से रक्षा तकनीक कंपनियों, इंजीनियरों और एक तकनीकी प्रमुख की भर्ती की जा रही है. यूक्रेन में जिस तरह छोटे स्टार्टअप्स ने सस्ती ड्रोन तकनीक से युद्ध में बड़ा बदलाव किया, उसी तर्ज पर अब रोबोटिक्स में भी निजी इनोवेशन, रिसर्च और तेजी से उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है.

आधुनिक युद्ध नीति और चुनौतियां

रोबोटिक सिस्टम मानव सीमाओं जैसे थकान और डर से मुक्त होकर लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों में काम कर सकते हैं. हालांकि, युद्ध के मैदान में संचार व्यवस्था को सुरक्षित रखना, रोबोट की विश्वसनीयता बनाए रखना और दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर से बचाना बड़ी चुनौतियां होंगी. फिर भी, तकनीक और रक्षा के इस समागम से यूक्रेन अपनी रक्षा रणनीति को नई दिशा दे रहा है, जिस पर दुनिया भर की नजरें टिकी हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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