Pitru Paksha Panchang: हिंदू पंचांग और सनातन परंपराओं के अनुसार, पितृ पक्ष का यह पावन समय पूर्वजों के प्रति सम्मान और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए समर्पित होता है. आगामी 29 सितंबर 2026 को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है, जो पितृ पक्ष के अंतर्गत तृतीया श्राद्ध के रूप में मनाई जाएगी. आइए जानते हैं इस दिन के पंचांग, नक्षत्र योग और सभी महत्वपूर्ण समयों की पूरी जानकारी.
तिथि, नक्षत्र और योग की स्थिति
पंचांग के अनुसार, 29 सितंबर को तृतीया तिथि शाम 5:10 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात चतुर्थी तिथि का आरंभ होगा.
- नक्षत्र: इस दिन सुबह 9:03 बजे तक अश्विनी नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद भरणी नक्षत्र की शुरुआत होगी.
- योग एवं करण: हर्षण योग रात 3:20 बजे तक प्रभावी रहेगा और उसके बाद वज्र योग शुरू होगा. वहीं, विष्टि करण शाम 5:10 बजे तक रहेगा.
श्राद्ध का महत्व: पितृ पक्ष के दौरान आने वाली इस तिथि पर वे लोग अपने पूर्वजों का श्राद्ध करते हैं जिनकी मृत्यु किसी भी महीने की तृतीया तिथि को हुई हो. श्रद्धालु विधि-विधान से तर्पण और पिंडदान करते हैं.
पितृ पक्ष के इन विशेष दिनों में लोग अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग के नियमों का पालन करते हुए अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं.
- 29 सितंबर 2026 को कौन सी तिथि है?
उत्तर: इस दिन आश्विन कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है - इस दिन कौन सा प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान किया जाएगा?
उत्तर: इस दिन तृतीया श्राद्ध (पितृ पक्ष) किया जाएगा - इस दिन कौन-से नक्षत्र का प्रभाव रहेगा?
उत्तर: सुबह 9:03 बजे तक अश्विनी नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद भरणी नक्षत्र शुरू होगा - हर्षण योग कब तक प्रभावी रहेगा?
उत्तर: हर्षण योग रात 3:20 बजे तक रहेगा - तृतीया तिथि कब तक समाप्त होगी?
उत्तर: तृतीया तिथि शाम 5:10 बजे तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू होगी
अस्वीकरण (Disclaimer): पितृपक्ष के संबंध में यह जानकारी (Pitru Paksha Panchang) पंचाग सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं के साथ ही तमाम स्थानों, प्रवचनों के आधार पर तैयार की गई है. भारत एक्सप्रेस इसकी कोई नैतिक पुष्टि नहीं करता है और न ही किसी अंधविश्वास को बढ़ावा देता है. पाठक अपने विवेक और व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार ही निर्णय लें.
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