सुप्रीम कोर्ट मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर एक अहम याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया है. याचिका में चुनाव आयोग द्वारा लिए गए उन फैसलों को चुनौती दी गई है, जिन्हें कथित तौर पर अन्य दो चुनाव आयुक्तों की सहमति या मंजूरी के बिना लिया गया था.
सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने मामले का विशेष उल्लेख (मेंशन) करते हुए जल्द सुनवाई का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने अगले सप्ताह सुनवाई की तारीख तय की है.
‘बहुमत या सर्वसम्मति से होने चाहिए आयोग के फैसले’
अदालत में मेंशनिंग के दौरान वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने तर्क दिया कि कानून के मुताबिक, बहुसदस्यीय चुनाव आयोग में कोई भी निर्णय या तो सर्वसम्मति से लिया जाना चाहिए या फिर बहुमत के आधार पर. उन्होंने कहा कि आयोग की कार्यप्रणाली को देखते हुए इस पूरी एसआईआर (SIR) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या ये फैसले वास्तव में पूरे आयोग के थे या नहीं.
वकील ने स्पष्ट किया कि कोर्ट द्वारा एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पूर्व में दिए गए निर्देश इस धारणा पर आधारित थे कि यह पूरे आयोग का सामूहिक निर्णय है, लेकिन अगर एकमत या बहुमत नहीं था, तो यह एक बेहद गंभीर संवैधानिक मुद्दा बन जाता है.
14 फैसलों पर जताई गई थी आपत्ति
राकेश कुमार सिंह द्वारा संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग ने तय वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किए बिना फैसले लिए. याचिका में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग आयोग को सामूहिक रूप से करना होता है और मुख्य चुनाव आयुक्त अकेले इन शक्तियों का इस्तेमाल नहीं कर सकते.
दावे के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने अक्टूबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच चुनाव आयोग द्वारा लिए गए कम से कम 14 प्रमुख फैसलों पर अपनी असहमति और आपत्ति दर्ज कराई थी.
याचिका में मांग की गई है कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनाव आयोग अधिनियम की धारा 18 का उल्लंघन कर सामूहिक शक्तियों का एकतरफा इस्तेमाल किया है, तो ऐसे सभी कदमों को अवैध घोषित किया जाए. साथ ही, एसआईआर प्रक्रिया तथा इसके तहत दिए गए सभी निर्देशों और कार्रवाइयों को शुरुआत से ही कानूनी रूप से शून्य (Void ab initio) घोषित करने का आग्रह किया गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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