Ayodhya Ram Mandir Donation Rules: मनमीत गुप्ता/अयोध्या: अयोध्या के भव्य राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान की प्रक्रिया को लेकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक बेहद अहम और बड़ा फैसला लिया है. अब मंदिर में चेक के जरिए दान देने वाले भक्तों को रसीद तुरंत नहीं मिलेगी.
नई व्यवस्था के तहत चेक बैंक में जमा होने और उसका भुगतान सफलतापूर्वक हो जाने के बाद ही ट्रस्ट दानदाता को आधिकारिक रसीद जारी करेगा.
चेक बाउंस होने के बड़े मामले से लिया सबक
दरअसल, मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट को यह सख्त कदम हाल ही में सामने आए एक ‘फर्जी दान’ के अजीबोगरीब मामले के बाद उठाना पड़ा है. जानकारी के मुताबिक, तमिलनाडु की एक महिला श्रद्धालु ने मंदिर के कर्मचारियों और सेवादारों की सहूलियत के लिए ट्रस्ट को 4 करोड़ रुपये का भारी-भरकम चेक सौंपा था.
चेक मिलते ही ट्रस्ट ने तत्कालीन नियमानुसार महिला को तुरंत 4 करोड़ की दान रसीद थमा दी. लेकिन जब इस चेक को बैंक में क्लियरेंस के लिए लगाया गया, तो ट्रस्ट के अधिकारियों के होश उड़ गए. महिला के बैंक खाते में 4 करोड़ तो दूर, महज 3 रुपये पड़े थे! यह 4 करोड़ का चेक बाउंस हो गया, जिसके बाद बैंक ने संबंधित महिला को नोटिस भी भेजा.
15 सितंबर से लागू हुई नई व्यवस्था
इस घटना से सबक लेते हुए ट्रस्ट ने तुरंत अपनी दान नीति में संशोधन कर दिया है. यह नई व्यवस्था 15 सितंबर से प्रभाव में आ चुकी है. अब यदि कोई श्रद्धालु चेक के माध्यम से दान देगा, तो पहले वह चेक बैंक में भुनाया जाएगा. खाते में पैसा ट्रांसफर होते ही दानदाता के दिए गए पते और मोबाइल नंबर पर डिजिटल रसीद भेज दी जाएगी.
ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य ट्रस्ट के बही-खातों और रिकॉर्ड में केवल ‘वास्तविक रूप से प्राप्त’ राशि का ही ब्यौरा दर्ज रखना है. बता दें कि मंदिर में दान पेटियों के जरिए गुप्त दान, काउंटर पर नकद दान और ऑनलाइन व चेक के जरिए दान की सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनमें अब चेक वाली प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बना दिया गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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