वाराणसी में बुधवार को सेवा संकल्प यात्रा के समापन के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में पिछले वर्षों के दौरान बड़ा बदलाव आया है. उन्होंने कहा कि कभी अपराध और माफिया के लिए चर्चा में रहने वाला प्रदेश अब अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ विकास की नई पहचान बना रहा है.
मुख्यमंत्री योगी संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित सेवा यात्रियों और युवाओं के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे. यह यात्रा गुजरात के वडनगर से शुरू होकर काशी तक पहुंची. प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा, सुशासन और राष्ट्रनिर्माण के 25 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस अभियान में भाजपा युवा मोर्चा के एक हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया.
काशी, अयोध्या और विंध्यवासिनी कॉरिडोर का किया जिक्र
सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में हुए बदलाव का जिक्र करते हुए काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बने भव्य मंदिर और मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर को प्रमुख उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि भव्य कुंभ, काशी की बढ़ती रौनक और मथुरा-वृंदावन में बढ़ी चहल-पहल आज प्रदेश की नई तस्वीर पेश करती है.
उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश की पहचान अब केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक स्थलों की वजह से देश-दुनिया में इसकी अलग पहचान बनी है.
गुजरात से शुरू हुई यात्रा का जिक्र
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक जीवन के शुरुआती दौर को याद करते हुए कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात में उन्हें सरकार की जिम्मेदारी मिली थी. उस समय गुजरात भुज के भीषण भूकंप से जूझ रहा था और कई महीनों तक भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहे.
योगी ने कहा कि उस कठिन दौर के बाद गुजरात ने खुद को संभाला और आगे बढ़ते हुए एक मॉडल स्टेट के रूप में अपनी पहचान बनाई. उन्होंने कहा कि सरकार के प्रमुख के तौर पर गुजरात से शुरू हुई प्रधानमंत्री मोदी की 25 साल की यात्रा का अनुभव अब देश के अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिल रहा है.
सीएम योगी ने दावा किया कि इस दौरान भारत की सुरक्षा और आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और देश वैश्विक स्तर पर एक प्रभावशाली शक्ति के तौर पर उभरा है. उन्होंने उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर बधाई भी दी.
विकसित भारत के लिए आत्मनिर्भर जिलों और गांवों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य विकसित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना है. उनका कहना था कि यह लक्ष्य तभी हासिल होगा, जब देश का हर राज्य, जिला, कस्बा और गांव विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़े.
योगी ने सेवा संकल्प यात्रा को इसी भावना से जोड़ते हुए कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सेवा संकल्पों को सम्मान देने के साथ-साथ ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को भी मजबूत कर रहा है. उन्होंने कहा कि यात्रा में दिखाई गई युवाओं की ऊर्जा आने वाले समय में 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
कानून व्यवस्था पर पिछली सरकारों को घेरा
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश की पुरानी कानून व्यवस्था को लेकर भी विपक्षी सरकारों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि करीब एक दशक पहले प्रदेश में ऐसी स्थिति थी कि जिस जमीन पर माफिया की नजर पड़ जाती थी, उस पर उसका कब्जा हो जाता था. उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों की नजर जिस जमीन पर पड़ती थी, उसे भी सुरक्षित रखना आम लोगों के लिए मुश्किल होता था.
योगी ने कहा कि उस दौर में महिलाएं और बेटियां शाम के बाद घर से बाहर निकलने में असुरक्षित महसूस करती थीं और व्यापारी भी डर के माहौल में काम करते थे. त्योहारों के समय भी लोगों को उत्सव से ज्यादा संभावित विवाद और उपद्रव की चिंता रहती थी. उनके मुताबिक, उस समय उत्तर प्रदेश अपनी पहचान को लेकर भी संकट में था.
500 बाइक पर निकले एक हजार से ज्यादा युवा
वडनगर से शुरू हुई इस यात्रा में एक हजार से अधिक युवा कार्यकर्ता करीब 500 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर निकले. आयोजकों के अनुसार, 20 अलग-अलग रूटों से गुजरते हुए यात्रा ने 35,263 किलोमीटर की दूरी तय की. इस दौरान 10 राज्यों के 193 जिलों, 773 तहसीलों और 1,159 गांवों तक कार्यकर्ता पहुंचे.
यात्रा के दौरान सेवा से जुड़े कई कार्यक्रम भी आयोजित किए गए. कुल 25 तरह की गतिविधियों के तहत 1,518 सेवा कार्यक्रम हुए. इसके अलावा 13,239 पौधे लगाए गए, 516 स्वच्छता अभियान चलाए गए और लाभार्थियों के साथ 147 संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए. युवाओं ने 143 युवा संवाद और 122 ग्राम सभाओं में भी हिस्सा लिया.
सफाई, पौधरोपण और नशामुक्ति जैसे अभियानों के जरिए युवाओं ने लोगों को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने की कोशिश की. यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी भी वर्चुअल माध्यम से युवाओं से जुड़े.
वडनगर और काशी के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव
इस यात्रा में धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी खास महत्व दिया गया. वडनगर से पवित्र जल काशी विश्वनाथ धाम लाया गया, जबकि वाराणसी का जल वडनगर स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर में अर्पित किया गया. मुख्यमंत्री ने इसे ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना का उदाहरण बताया.
उन्होंने कहा कि गर्मी, बारिश और रास्ते की अलग-अलग परिस्थितियों के बावजूद युवाओं ने यात्रा को पूरा किया. साथ ही, 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान का भी उन्होंने उल्लेख किया और कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में यह अभियान आगे बढ़ रहा है.
कार्यक्रम में दिखी सांस्कृतिक झलक
समापन समारोह के दौरान कार्यक्रम स्थल पर मोर के आकार की एक बड़ी रंगोली भी बनाई गई. इसमें केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं, आत्मनिर्भर भारत और सामाजिक कल्याण से जुड़े संदेशों को उकेरा गया था. कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत से हुई. इसके बाद सेवा संकल्प यात्रा पर आधारित एक लघु फिल्म दिखाई गई. मुख्यमंत्री योगी ने महिलाओं और छात्राओं के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और छात्राओं को टॉफी भी दी.
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-भारत एक्सप्रेस
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