Harish Salve on Foreign Funding: देश में हाल के दिनों में उठ रहे विरोध-प्रदर्शनों और आंदोलनों को लेकर भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल और दिग्गज सीनियर वकील हरीश साल्वे (Harish Salve) ने एक बहुत बड़ा और सनसनीखेज खुलासा किया है. दरअसल एक इंटरव्यू में बेबाक राय रखते हुए साल्वे ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि भारत में सुनियोजित तरीके से फैलाए जा रहे तथाकथित प्रोटेस्ट के पीछे विदेशी फंडिंग और बाहरी ताकतों का हाथ है.
उनका साफ कहना है कि कुछ देश भारत की आर्थिक तरक्की, अंतरिक्ष में बढ़ती ताकत (सैटेलाइट क्षमताएं) और वैश्विक कद को देखकर बौखलाए हुए हैं और नेपाल, श्रीलंका तथा बांग्लादेश की तरह भारत के सिस्टम को भी अस्थिर करने की साजिश रच रहे हैं.
नेपाल-बांग्लादेश के बाद भारत निशाना?(Harish Salve on Foreign Funding)
हरीश साल्वे ने बेहद आक्रामक अंदाज में सवाल उठाया कि क्या इस बात में किसी को कोई शक है कि पड़ोसी देशों में हालिया उथल-पुथल के पीछे कौन था? शेख हसीना को सत्ता से हटाने और वहां नई सियासी चालें चलने वाली ताकतें अब भारत पर अपनी नजरें गड़ाए हुए हैं.
उन्होंने कहा कि भारत में पिछले 6 से 8 महीनों के दौरान एक स्पष्ट और खतरनाक पैटर्न देखा गया है, जहां कुछ खास समूहों और जर्मनी समेत विदेशों में बैठे लोगों द्वारा प्रायोजित एजेंडे के तहत विरोध-प्रदर्शन खड़े किए जा रहे हैं.
प्रदर्शनों के लिए पैसा कहां से आ रहा है?
विदेशी फंडिंग के सवाल पर साल्वे ने दो टूक कहा कि सड़कों पर भीड़ जुटाने, तंबू लगाने और बड़े स्तर पर रैलियां या अभियान चलाने के लिए भारी-भरकम धन की जरूरत होती है. आज कल कुछ यूट्यूबर्स, सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स और विदेश में बैठकर जहर उगलने वाले चेहरे इन आंदोलनों के ‘लीडर’ बनकर सामने आ रहे हैं. उन्होंने साफ किया कि ये लोग अपनी जेब से पैसे खर्च नहीं कर रहे, बल्कि इसके पीछे बाहरी ताकतों की फंडिंग काम कर रही है, जिसकी गहराई से जांच होनी चाहिए.
‘मोदी सरकार से विदेशी ताकतें’: साल्वे
हरीश साल्वे ने रेखांकित किया कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत होर्मुज संकट जैसी अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से शानदार तरीके से निपट रहा है, देश की इकॉनमी रिकॉर्ड रफ़्तार से भाग रही है और टेक्नोलॉजिकल व स्पेस सेक्टर में देश झंडे गाड़ रहा है.
वहीं दूसरी तरफ देश विरोधी ताकतों को यह पच नहीं रहा है. ऐसे में वे देश को आगे बढ़ने से रोकने के लिए इन प्रायोजित आंदोलनों का सहारा ले रही हैं.
यह भी पढ़ें-भीख मांगते-मांगते शहबाज शरीफ ने अपने ही देश में लगा दी आग, खैबर पख्तूनख्वा में इंटरनेट ठप, सड़क पर उतरी सेना
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

