सीएम योगी का बड़ा संदेश: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत दे रहीं यूपी की महिलाएं
CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में महिलाओं की भूमिका अब घर और परिवार तक सीमित नहीं रह गई है. गांवों में महिलाएं बैंकिंग सेवाओं से लेकर खेती-किसानी और छोटे कारोबार तक में अपनी पहचान बना रही हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की चतुर्थी पर मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना के अवसर पर महिलाओं की इसी बदलती भूमिका का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं अब केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाली नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने वाली ताकत बन रही हैं.
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर मां कूष्मांडा के प्रति श्रद्धा व्यक्त की. उन्होंने मां को सृजन, ऊर्जा और समृद्धि का प्रतीक बताते हुए प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं. अपने संदेश में योगी ने कहा कि जब महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए सही अवसर और संसाधन मिलते हैं, तो वे मुश्किल हालात को भी बदल सकती हैं. उनके मुताबिक, महिलाओं को मिलने वाले अवसर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के साथ पूरे गांव की तरक्की का रास्ता खोलते हैं.
सृजन, ऊर्जा और समृद्धि की सनातन प्रतीक माँ कूष्माण्डा की आराधना का संदेश है- जहां नारी को शक्ति और अवसर मिलता है, वहां अभाव परिश्रम में, परिश्रम आत्मनिर्भरता में और आत्मनिर्भरता समृद्धि में बदलती है।
उत्तर प्रदेश की नारी अब केवल विकास की लाभार्थी नहीं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था की निर्माता और नए भारत की भाग्य विधाता बन रही हैं।
वर्ष 2017 से पहले महिलाओं के लिए न अवसर था, न संसाधन और न ही सरकार के पास नीति और नीयत…
आज आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार गांव की बहनों को आत्मनिर्भरता की नई राह से जोड़ रही है।
बीसी सखी गांवों में बैंकिंग सेवाओं की सशक्त कड़ी हैं; लखपति दीदी आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन गई हैं; ड्रोन दीदी खेती में आधुनिक तकनीक का नेतृत्व कर रही हैं और स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका, उद्यमिता और कृषि आधारित रोजगार के अवसरों का विस्तार हो रहा है।
अब नारी केवल परिवार की समृद्धि का आधार नहीं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था की संचालक और नए उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा की नेतृत्वकर्ता बन रही हैं।
जब गांव की नारी समृद्ध होगी, तभी उत्तर प्रदेश सही मायने में समृद्ध और सशक्त बनेगा।
जय माँ कूष्माण्डा।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 14, 2026
2017 के बाद महिलाओं के लिए बदली तस्वीर
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में महिलाओं के लिए अवसरों और संसाधनों की कमी थी. उनके अनुसार, अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. सरकार की विभिन्न योजनाओं के जरिए ग्रामीण महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने बीसी सखी, लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए बताया कि महिलाएं अब अलग-अलग क्षेत्रों में अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं. बीसी सखियां गांवों में लोगों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में मदद कर रही हैं. वहीं, लखपति दीदी योजना से जुड़ी महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. ड्रोन दीदी खेती में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभा रही हैं.
स्वयं सहायता समूहों से बढ़ रहे रोजगार के मौके
योगी ने स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के महत्व पर भी जोर दिया. इनके माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के नए साधन तलाशने, अपना काम शुरू करने और कृषि आधारित रोजगार से जुड़ने के अवसर मिल रहे हैं. सामूहिक प्रयासों से महिलाएं छोटे कारोबार को आगे बढ़ाने के साथ परिवार की आमदनी बढ़ाने में भी योगदान दे सकती हैं.
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मुख्यमंत्री के मुताबिक, महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से गांवों की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिल रही है. इससे महिलाओं की परिवार और समाज में भूमिका भी बदल रही है. वे अब आर्थिक फैसलों में अधिक सक्रियता से हिस्सा ले सकती हैं.
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को मजबूत और समृद्ध बनाने के लिए ग्रामीण महिलाओं का आर्थिक रूप से सशक्त होना जरूरी है. उनका संदेश साफ है कि जब गांव की महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी, तभी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और प्रदेश की विकास यात्रा आगे बढ़ेगी.
-भारत एक्सप्रेस
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