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पाक से दोस्ती पड़ रही अजरबैजान को भारी, भारत के घातक हथियारों से थर्राया, आर्मेनिया को हथियार बेचने पर उठाये सवाल

India Armenia Weapons Deal: भारत की तरफ से आर्मेनिया को हथियार सप्लाई किये जाने से अजरबैजान के राष्ट्रपति भड़क गए. अजरबैजान के सैन्य विश्लेषकों ने कहा है कि आर्मेनिया ने कई तरह के घातक हथियार भारत से खरीदे हैं, जिसमें ATAGS आर्टिलरी गन भी शामिल हैं. उनका कहना है कि ये गन युद्ध में अजरबैजान को भयंकर नुकसान पहुंचा सकती है.

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अजरबैजान ने भारत के आर्मेनिया को हथियार बेचने पर उठाये सवाल

India Armenia Weapons Deal: कहते हैं दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है. जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान का साथ देकर मुस्लिम धर्म की महिमा गा रहे अजरबैजान के राष्ट्रपति अब भारत के सामने गिड़गिड़ा रहे हैं. दरअसल पाकिस्तान के साथ मुस्लिम-मुस्लिम भाई-भाई खेल रहे अजरबैजान की आर्मेनिया के साथ टेंशन चल रही है. इसी बीच भारत ने आर्मेनिया को एक से बढ़कर एक घातक हथियार बेचे हैं. भारत की तरफ से आर्मेनिया को हथियार सप्लाई किये जाने से अजरबैजान के राष्ट्रपति भड़क गए. बाकू की तरफ से कहा जा रहा है कि भारत की तरफ से आर्मेनिया को हथियार उपलब्ध कराने से इलाके में गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है.

अजरबैजान के सैन्य विश्लेषकों ने कहा है कि आर्मेनिया ने कई तरह के घातक हथियार भारत से खरीदे हैं, जिसमें ATAGS आर्टिलरी गन भी शामिल हैं. उनका कहना है कि ये गन युद्ध में अजरबैजान को भयंकर नुकसान पहुंचा सकती है.

दशकों से चल रहा सीमा विवाद

आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच दशकों से सीमा विवाद को लेकर संघर्ष चलता रहा है. दोनों देशों के बीच यह लड़ाई मुख्य रूप से नागोर्नो-काराबाख इलाके के लिए है. यह इलाका भले ही अजरबैजान के भौगोलिक क्षेत्र में पड़ता है, लेकिन इसकी अधिकतर आबादी आर्मेनियाई है. इन दोनों के बीच साल 2020 में भी 44 दिनों तक युद्ध चला था. जिसमें तुर्की की मदद से अजरबैजान ने इस इलाके पर पूरी तरह कब्जा कर लिया.

जम्मू-कश्मीर मसले पर अजरबैजान देता है पाक का साथ

अजरबैजान ने जम्मू-कश्मीर मामले पर पाकिस्तान का साथ देता रहा है. ऐसे में भारत ने कूटनीतिक जवाब देते हुए आर्मेनिया के साथ संबंध बढ़ाए और उसे हथियार बेचना शुरू कर दिया.

युद्ध में अजरबैजान के शिकस्त खाने के बाद आर्मेनिया ने भारत से हथियार खरीदने शुरू किये हैं. आर्मेनिया जल्द से जल्द सैन्य ताकत के मामले में अजरबैजान की बराबरी करना चाहता है. ऐसे में अजरबैजान के डिफेंस एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि रूसी हथियारों को छोड़ जब से आर्मेनिया भारत से हथियार खरीदना शुरू किया है उसने इलाके के सैन्य संतुलन पर गहरा आघात पहुंचाया है.

ATAGS आर्टिलरी गन क्या है?

अजरबैजान के डिफेंस एक्सपर्ट्स की चिंता भारत की तरफ से आर्मेनिया को की जा रही ATAGS आर्टिलरी गन है. बाकू के रहने वाले डिफेंस एक्सपर्ट वुगर अब्बासॉव ने कहा है कि भारत में बनी यह 155 mm की गन अजरबैजान की सेना के लिए एक बुरा सपना की तरह है. अगर आर्मेनिया की सेना इस गन का सही तरीके से इस्तेमाल करना शुरू कर देती है तो अजरबैजान की सेना तिनके की तरह बिखर जाएगी.

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हालांकि उन्होंने इस गन की गतिशीलता और बड़े कैलिबर पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि बड़ी गन होने की वजह से इस गन को ड्रोन की मदद से निशाने पर लिया जा सकता है. अगर आर्मेनिया की सेना दुश्मन की नजर से गन को छिपाने में महारत हासिल कर लेती है तो लंबी दूरी तक भारी नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखती है.

-भारत एक्सप्रेस



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