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यूपी में फिर दिखेगी दो लड़कों की जोड़ी! अखिलेश-राहुल के गठबंधन का क्या है सीट बंटवारा फॉर्मूला?

UP Election 2027: यूपी में सपा-कांग्रेस गठबंधन की तैयारियां तेज हैं. जानिए सीट बंटवारे के संभावित फॉर्मूले, अखिलेश-राहुल की जोड़ी और 2017 से 2024 तक दोनों दलों का चुनावी प्रदर्शन.

UP Elections 2027 sp congress alliance seat sharing formula

सपा-कांग्रेस गठबंधन का सीट बंटवारे का फॉर्मूला लगभग तय

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं. चुनाव में अभी वक्त है, लेकिन समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने गठबंधन को लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर शुरुआती बातचीत हो चुकी है. खबरों के मुताबिक, सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला लगभग तय माना जा रहा है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि दोनों पार्टियां कितनी-कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगी और इसका आधिकारिक ऐलान कब होगा.

माना जा रहा है कि इस गठबंधन में सपा बड़े भाई की भूमिका में रहेगी, जबकि कांग्रेस छोटे सहयोगी के तौर पर चुनाव मैदान में उतर सकती है. हालांकि, सीटों की संख्या को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.

मजबूत सीटों पर रहेगा खास जोर

सीट बंटवारे में दोनों पार्टियों की राजनीतिक स्थिति को अहमियत दिए जाने की चर्चा है. जिन विधानसभा क्षेत्रों में जिस पार्टी का संगठन मजबूत है और उसका चुनावी आधार बेहतर माना जाता है, वहां उसे प्राथमिकता मिल सकती है. इससे दोनों दल अपने-अपने प्रभाव वाले इलाकों में बेहतर तरीके से चुनाव लड़ने की तैयारी कर सकेंगे.

इस बीच, कांग्रेस के कुछ संभावित उम्मीदवारों को सपा के चुनाव चिह्न साइकिल पर मैदान में उतारने की संभावना भी जताई जा रही है. हालांकि, इस व्यवस्था को लेकर अभी तक कोई औपचारिक जानकारी सामने नहीं आई है. अंतिम फैसला दोनों दलों के नेतृत्व की बातचीत के बाद ही स्पष्ट होगा.

2017 में भी साथ आए थे दोनों दल

सपा और कांग्रेस पहले भी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में गठबंधन कर चुके हैं. साल 2017 के चुनाव में दोनों पार्टियों ने मिलकर चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में राहुल-अखिलेश के साथ कर रहे प्रचार को दो लड़कों की जोड़ी का नाम दिया गया था. उस समय सपा ने 298 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जबकि कांग्रेस 105 सीटों पर चुनाव मैदान में थी. हालांकि, गठबंधन को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली थी. सपा को केवल 47 और कांग्रेस को सिर्फ सात सीटों पर जीत मिली थी.

इसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में दोनों दल अलग-अलग रास्तों पर चले. सपा ने छोटे दलों के साथ गठबंधन किया, जबकि कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ा. उस चुनाव में सपा को 111 सीटें मिलीं, वहीं कांग्रेस सिर्फ दो सीटें जीत सकी.

लोकसभा चुनाव के नतीजों से बढ़ा भरोसा

2024 के लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस ने एक बार फिर साथ मिलकर चुनाव लड़ा. उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से सपा ने 37 और कांग्रेस ने छह सीटों पर जीत दर्ज की. इस तरह दोनों दलों के खाते में कुल 43 सीटें आईं. इस प्रदर्शन के बाद विधानसभा चुनाव में भी गठबंधन जारी रखने की संभावनाओं पर चर्चा तेज हुई.


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दिल्ली में होगी बैठक

सीटों के बंटवारे में सपा अपनी परंपरागत सीटों को लेकर समझौता करने के पक्ष में नहीं बताई जा रही है. इसके अलावा, 2022 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव में जिन क्षेत्रों में पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा, वहां भी वह अपनी दावेदारी बनाए रख सकती है.

खबरों के अनुसार, सीट बंटवारे पर चर्चा के लिए दोनों दलों के नेताओं की दिल्ली में बैठक हो सकती है. इस बैठक में सीटों की संख्या और उम्मीदवारों के चयन जैसे मुद्दों पर बात आगे बढ़ने की उम्मीद है. हालांकि, जब तक दोनों पार्टियां आधिकारिक बयान जारी नहीं करतीं, तब तक सीट बंटवारे के फॉर्मूले को अंतिम नहीं माना जा सकता.

-भारत एक्सप्रेस



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