(AI IMAGE)
PMLA Insurance: भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) देश के इंश्योरेंस सेक्टर में वितरण और कमीशन नियमों में बड़े सुधार करने जा रहा है. इन बदलावों को लेकर बीमा एजेंटों और ब्रोकर्स में अनिश्चितता का माहौल देखा जा रहा था. हालांकि, IRDAI के अध्यक्ष अजय सेठ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इन सुधारों का उद्देश्य बीमा एजेंटों की रोजी-रोटी या मौजूदा कारोबार को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि पूरे ढांचे को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाना है.
IRDAI बीमा पॉलिसियों के कमीशन और कंपनियों के खर्च से जुड़े नियमों में सुधार की तैयारी में है. हालांकि एजेंटों की आशंकाओं के बीच IRDAI अध्यक्ष अजय सेठ ने आश्वस्त किया है कि नए नियमों से एजेंटों की आजीविका प्रभावित नहीं होगी. हितधारकों के सुझावों के आधार पर इन नियमों को 1 जनवरी या 1 अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है.
बीमा नियमों में संशोधन पर हितधारकों से मांगे सुझाव
IRDAI बीमा क्षेत्र में वितरण और कमीशन ढाँचे को नए सिरे से व्यवस्थित करने की योजना बना रहा है. अध्यक्ष अजय सेठ के अनुसार, किसी भी नियम को अंतिम रूप देने से पहले सभी बीमा कंपनियों, एजेंटों और संबंधित पक्षों से विस्तृत सुझाव और प्रतिक्रियाएँ मांगी जा रही हैं. उद्योग से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर ही अंतिम दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे.
कमीशन और कंपनियों के खर्च की सीमा तय करने का प्रस्ताव
नियामक के नए प्रस्तावों के अंतर्गत 30 से अधिक बीमा उत्पादों और उनके वितरण माध्यमों के लिए एजेंट कमीशन की सीमा तय करने का विचार है. इसके अतिरिक्त, बीमा कंपनियों के कुल संचालन खर्च (Expenses of Management) में भी करीब एक-तिहाई तक की कटौती करने का प्रस्ताव शामिल है, जिससे पॉलिसियाँ अधिक किफायती बन सकें.
1 जनवरी या 1 अप्रैल से लागू हो सकते हैं नए नियम
इन प्रस्तावित नियमों के क्रियान्वयन की समयसीमा को लेकर चर्चा जारी है. IRDAI इन बदलावों को लागू करने के लिए 1 जनवरी या 1 अप्रैल की तिथियों पर विचार कर रहा है. इसके साथ ही, उद्योग जगत की मांग को देखते हुए कमीशन संबंधी बदलावों को एक साथ लागू करने के बजाय चरणबद्ध तरीके (Phased Manner) से लागू करने का विकल्प भी खुला रखा गया है.
इंश्योरेंस ब्रोकर्स एसोसिएशन की चिंता और पीएम को पत्र
इंश्योरेंस ब्रोकर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IBAI) ने प्रस्तावित बदलावों पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग की है. एसोसिएशन ने आग्रह किया था कि मौजूदा नियमों को 2028 में प्रस्तावित समीक्षा तक यथावत रखा जाए और 25 अक्टूबर की समयसीमा से पूर्व एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाए.
एजेंटों की रोजी-रोटी सुरक्षित, IRDAI ने दी सफाई
व्यापक चिंताओं के बीच IRDAI चीफ ने स्पष्ट किया कि नियामक छोटे बीमा एजेंटों, वितरकों और कम प्रीमियम वाली पॉलिसियों से जुड़े लोगों के हितों का पूरा ध्यान रख रहा है. नियामक का उद्देश्य एजेंटों की आजीविका को सुरक्षित रखते हुए बीमा क्षेत्र में पारदर्शिता और ग्राहकों के लिए लागत दक्षता लाना है.
यह भी पढ़ें-दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों की मौज! मोदी सरकार ने किया एडहॉक बोनस का ऐलान, मिलेंगे 6,908 रुपये
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



