चोरबागान भगदड़ पर बड़ा एक्शन
Kolkata Chorbagan Stampede: उत्तर कोलकाता के चर्चित चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा मंडप में हुई भयावह भगदड़ के बाद राज्य और पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरे शहर में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि भीड़ प्रबंधन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
जांच के दौरान 14 लोगों को हिरासत में लिया गया
हादसे की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने व्यापक जांच शुरू की. जांच के क्रम में कुल 14 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इनमें से सात लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण पाई गई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि सुरक्षा व्यवस्था में चूक कहां और कैसे हुई.
पूजा समिति के शीर्ष पदाधिकारी भी गिरफ्त में
पुलिस कार्रवाई की जद में पूजा समिति के कई जिम्मेदार पदाधिकारी भी आए हैं. गिरफ्तार लोगों में पूजा समिति के सचिव राजकुमार सेओडा उर्फ राजा (48) और उपाध्यक्ष शांतनु दुबे (55) शामिल हैं. इसके अलावा मंडप के बांस के ढांचे के निर्माण कार्य की जिम्मेदारी संभालने वाले बिप्लब मुखर्जी उर्फ जॉय (48) को भी गिरफ्तार किया गया है. अधिकारियों का मानना है कि आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी निभाने वाले लोगों की भूमिका की गहन जांच जरूरी है.
भीड़ नियंत्रण और VIP व्यवस्था संभालने वाले भी अरेस्ट
मामले में केवल समिति के पदाधिकारियों पर ही कार्रवाई नहीं हुई है, बल्कि भीड़ प्रबंधन से जुड़े लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है. क्राउड कंट्रोल और वीआईपी पास की जांच की जिम्मेदारी देख रहे कौशिक साहा (53) तथा पिंटू डे (51) को पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार कर लिया. जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या प्रवेश व्यवस्था और वीआईपी प्रबंधन ने भीड़ के दबाव को बढ़ाने में कोई भूमिका निभाई थी.
निजी सुरक्षा कर्मियों पर भी गिरी गाज
सुरक्षा इंतजामों में कथित लापरवाही के आरोप में दो निजी सुरक्षा गार्डों को भी गिरफ्तार किया गया है. इनमें बसीरहाट निवासी सुमन चक्रवर्ती (30) और हुगली निवासी राजेश पाल (29) शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि हादसे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था किस तरह संचालित की जा रही थी, इसकी विस्तार से पड़ताल की जा रही है.
तीन दिनों के लिए लागू हुई धारा 163
कोलकाता पुलिस ने सुरक्षा हालात की समीक्षा करने के बाद पूरे शहर में कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं. यह आदेश रविवार 18 अक्टूबर से मंगलवार 20 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा. इस अवधि में घातक हथियारों के साथ घूमने या सार्वजनिक शांति भंग करने वाली गतिविधियों पर सख्त रोक रहेगी. पुलिस और प्रशासन लगातार संवेदनशील इलाकों की निगरानी कर रहे हैं.
पांच बड़े पूजा पंडालों में प्रवेश पर रोक
हादसे के बाद केवल चोरबागान ही नहीं, बल्कि कई अन्य प्रमुख पूजा मंडपों में भी अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए हैं. चोरबागान के अलावा ‘तला प्रति’, ‘चेतला अग्रानी’, ‘अलीपुर सर्वजनिन’ और पार्क स्ट्रीट स्थित ‘एलन पार्क’ पूजा पंडाल में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यह कदम आवश्यक है.
शंकर महादेवन का कार्यक्रम भी संकट में
पार्क स्ट्रीट के एलन पार्क पंडाल में 20 अक्टूबर को प्रसिद्ध गायक शंकर महादेवन का प्रस्तावित संगीत कार्यक्रम आयोजित होना था. हालांकि मौजूदा सुरक्षा हालात और प्रशासनिक प्रतिबंधों को देखते हुए इस कार्यक्रम के रद्द होने की संभावना जताई जा रही है. अंतिम निर्णय आयोजकों और प्रशासन की समीक्षा के बाद लिया जाएगा.
भवानी भवन में हुई हाई लेवल बैठक
घटना के बाद राज्य प्रशासनिक मुख्यालय भवानी भवन में एक अहम बैठक बुलाई गई. बैठक में पुलिस महानिदेशक, मुख्य सचिव, गृह सचिव और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी मौजूद रहे. इसके अलावा सभी जिलों के डीएम, सीपी, एसपी और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के साथ भी विस्तृत चर्चा की गई. बैठक का मुख्य उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस रणनीति तैयार करना था.
VIP एंट्री और आवागमन व्यवस्था पर फोकस
बैठक में बड़े पूजा मंडपों में प्रवेश और निकास मार्गों की व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई. अधिकारियों ने निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की आवाजाही निर्बाध बनी रहे और भीड़ किसी एक स्थान पर जमा न होने पाए. साथ ही वीआईपी पास जारी करने और विशेष प्रवेश व्यवस्थाओं पर भी कड़ा नियंत्रण लागू करने का फैसला लिया गया है.
अमित शाह ने घायलों से की मुलाकात
रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कोलकाता पहुंचे और सबसे पहले कालीघाट मंदिर में पूजा-अर्चना की. इस दौरान प्रदेश भाजपा नेतृत्व भी उनके साथ मौजूद रहा. मंदिर दर्शन के बाद शाह अस्पताल पहुंचे और चोरबागान भगदड़ में घायल हुए लोगों का हालचाल जाना. उन्होंने परिजनों से भी मुलाकात कर घटना की जानकारी ली.
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सोनकर परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों को गहरा जख्म दिया है. कंकुरगाछी निवासी युवती शुभम सोनकर अपने माता-पिता और छोटी बहन के साथ पूजा दर्शन के लिए चोरबागान पहुंची थीं. भगदड़ मचने के दौरान भारी भीड़ के दबाव में वह अपने परिवार से अलग हो गईं. परिजनों ने उन्हें काफी देर तक खोजा, लेकिन जब तक वे उनके पास पहुंचते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. इस हादसे में शुभम की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है.
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