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Blinkit Meat Controversy: त्योहारों के मौसम में एक नामी ऑनलाइन डिलीवरी कंपनी की लापरवाही ने शहर में हड़कंप मचा दिया. उत्तर प्रदेश के फतेहपुर स्थित एक ब्लिंकिट आउटलेट पर आस्था से खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगा है. ‘हैप्पी नवरात्रि’ लिखे कैरी बैग में नॉन-वेज डिलीवरी की खबर फैलते ही मौके पर पहुंचे हिंदू संगठनों ने जमकर हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग को मोर्चा संभालना पड़ा.
फतेहपुर के ब्लिंकिट स्टोर में ‘हैप्पी नवरात्रि’ लिखे थैले से मीट डिलीवरी का विवाद अब कानूनी रूप ले चुका है. बिना वैध लाइसेंस के फ्रोजन मीट बेचने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने 45,000 रुपये से अधिक का सामान सीज कर दिया है. प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
‘हैप्पी नवरात्रि’ के थैले में मीट! भड़के संगठन
घटना फतेहपुर शहर के पटेल नगर स्थित ब्लिंकिट स्टोर की है. आरोप है कि आउटलेट से ग्राहकों को ‘हैप्पी नवरात्रि’ लिखे कैरी बैग के अंदर मीट के पैकेट रखकर डिलीवर किए जा रहे थे. जब इसकी भनक बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों को लगी, तो कार्यकर्ताओं ने धर्मेंद्र सिंह जनसेवक की अगुवाई में मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. कार्यकर्ताओं का कहना था कि पवित्र त्योहार के दौरान इस तरह की हरकत सनातन धर्म और लोगों की आस्था पर सीधा प्रहार है.
बजरंग दल की तहरीर और मौके पर पहुंची पुलिस
हंगामे की सूचना मिलते ही कोतवाल हेमंत मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. बजरंग दल के पदाधिकारियों ने इसे जानबूझकर किया गया कृत्य बताते हुए कंपनी व आउटलेट के खिलाफ कोतवाली में लिखित तहरीर दी. कार्यकर्ताओं ने साफ किया कि उनका मकसद आउटलेट बंद कराकर किसी की रोजी-रोटी छीनना नहीं है, बल्कि धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई कराना है. पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद हंगामा शांत हुआ और आउटलेट का शटर डाउन करवाकर जांच शुरू की गई.
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में खुला लाइसेंस का सच
हंगामे के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने आउटलेट का औचक निरीक्षण किया. सहायक आयुक्त खाद्य वीरेंद्र कुशवाहा और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार दीक्षित ने बताया कि आउटलेट संचालक के पास सामान्य खाद्य सामग्री बेचने का लाइसेंस तो था, लेकिन उसके उपनियम 31 के तहत मीट व मीट प्रोडक्ट्स की बिक्री की अनुमति नहीं थी. इसके अलावा 10 दिन पहले ही नवरात्र के दौरान मीट न बेचने की सख्त चेतावनी भी दी गई थी.
45 हजार से ज्यादा का फ्रोजन मीट सीज, कोर्ट में चलेगा केस
जांच टीम ने आउटलेट से कुल 166 फ्रोजन मीट के पैकेट जब्त किए, जिसकी कुल कीमत 45,384 रुपये बताई जा रही है. अधिकारियों ने आउटलेट पर मीट की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. प्रशासन अब एडीएम वित्त एवं राजस्व की अदालत में मामला दर्ज कराने जा रहा है, जहां सुनवाई और जुर्माने के बाद जब्त मीट को नष्ट करने या अन्य कार्रवाई पर फैसला होगा. जब तक मीट बिक्री का अलग लाइसेंस नहीं मिल जाता, तब तक स्टोर से केवल सामान्य सामान ही बेचा जा सकेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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