अडाणी ग्रीन का दमदार प्रदर्शन
देश की सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में शामिल अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही और छमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए हैं. कंपनी ने वित्तीय और परिचालन दोनों मोर्चों पर दमदार प्रदर्शन दर्ज किया है. बिजली बिक्री से लेकर राजस्व, EBITDA, कैश प्रॉफिट और क्षमता विस्तार तक लगभग हर प्रमुख संकेतक में मजबूत बढ़त देखने को मिली है.
अहमदाबाद से जारी जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही (H1 FY27) में कंपनी की ऊर्जा बिक्री सालाना आधार पर 32 प्रतिशत बढ़कर 25,747 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई. इसी अवधि में बिजली आपूर्ति से होने वाली आय और परिचालन लाभ में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई.
EBITDA में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी
कंपनी के आंकड़े बताते हैं कि H1 FY27 के दौरान बिजली आपूर्ति से प्राप्त EBITDA बढ़कर 7,957 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है. पिछले साल यह आंकड़ा 5,651 करोड़ रुपये था. वहीं दूसरी तिमाही (Q2 FY27) में EBITDA 3,835 करोड़ रुपये रहा, जो Q2 FY26 के 2,543 करोड़ रुपये की तुलना में 51 प्रतिशत अधिक है. कंपनी के अनुसार यह बढ़ोतरी लगातार क्षमता विस्तार, उन्नत तकनीकों के उपयोग और विभिन्न परियोजनाओं के बेहतर प्रदर्शन का परिणाम है.
राजस्व में भी बड़ा उछाल
राजस्व के मोर्चे पर भी कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया. H1 FY27 में बिजली आपूर्ति से कंपनी का राजस्व 8,299 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 6,088 करोड़ रुपये था. यानी सालाना आधार पर 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई. यदि केवल दूसरी तिमाही की बात करें तो कंपनी का राजस्व 4,019 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की दूसरी तिमाही के 2,776 करोड़ रुपये की तुलना में 45 प्रतिशत ज्यादा है.
कैश प्रॉफिट ने भी दिखाई मजबूती
कंपनी के कैश प्रॉफिट में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई. पहली छमाही में कैश प्रॉफिट बढ़कर 4,176 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले यह 3,094 करोड़ रुपये था. इस तरह इसमें 35 प्रतिशत का इजाफा हुआ. दूसरी तिमाही में कैश प्रॉफिट 1,951 करोड़ रुपये रहा. पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 1,348 करोड़ रुपये था. यानी यहां 45 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली.
ऊर्जा बिक्री में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
अडाणी ग्रीन ने बताया कि H1 FY27 के दौरान कुल ऊर्जा बिक्री 25,747 मिलियन यूनिट तक पहुंची. यह पिछले साल की तुलना में 32 प्रतिशत अधिक है. केवल दूसरी तिमाही में ही बिजली बिक्री 12,090 मिलियन यूनिट रही, जो सालाना आधार पर 33 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है. कंपनी का कहना है कि बड़ी क्षमता वृद्धि और विभिन्न संयंत्रों में मजबूत परिचालन प्रदर्शन ने इस उपलब्धि में अहम भूमिका निभाई है.
20.8 गीगावॉट तक पहुंची परिचालन क्षमता
रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में अपनी अग्रणी स्थिति को और मजबूत करते हुए कंपनी की ऑपरेशनल क्षमता 20.8 गीगावॉट तक पहुंच गई है. यह पिछले वर्ष के मुकाबले 24 प्रतिशत अधिक है. इस दौरान कंपनी ने कुल 4,083 मेगावॉट नई क्षमता जोड़ी. इसमें 2,957 मेगावॉट सोलर क्षमता शामिल है, जिसमें गुजरात के खावड़ा में 2,568 मेगावॉट और राजस्थान में 389 मेगावॉट परियोजनाएं शामिल हैं. इसके अलावा 805 मेगावॉट पवन ऊर्जा क्षमता जोड़ी गई, जिसमें 666 मेगावॉट खावड़ा और 139 मेगावॉट मुंद्रा में स्थापित की गई. वहीं खावड़ा में 321 मेगावॉट की सोलर-विंड हाइब्रिड क्षमता भी जोड़ी गई. कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 50 गीगावॉट क्षमता हासिल करना है और मौजूदा रफ्तार को देखकर यह लक्ष्य हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है.
बैटरी स्टोरेज में बना नया रिकॉर्ड
ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में भी अडाणी ग्रीन ने बड़ा मुकाम हासिल किया है. कंपनी ने Q2 FY27 के दौरान खावड़ा में 3,081 मेगावॉट घंटा (MWh) बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) क्षमता जोड़ी. इसके बाद कंपनी की कुल BESS क्षमता बढ़कर 6,632 MWh हो गई है. यह भारत की कुल परिचालन BESS क्षमता का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है. इतना ही नहीं, यह दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल लोकेशन बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं में भी शामिल हो गई है. कंपनी को उम्मीद है कि मौजूदा विस्तार की गति बरकरार रहने पर FY27 के दौरान 10 GWh BESS क्षमता के अपने लक्ष्य को भी पार किया जा सकता है.
CEO ने बताई ग्रोथ की वजह
अडाणी ग्रीन एनर्जी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) आशीष खन्ना ने कहा कि कंपनी ने FY27 की पहली छमाही में शानदार निष्पादन क्षमता का प्रदर्शन किया है. उनके मुताबिक कंपनी की परिचालन रिन्यूएबल क्षमता 24 प्रतिशत बढ़कर 20.8 GW हो गई है, जबकि ऊर्जा बिक्री में 32 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. इससे कंपनी के सोलर, विंड और हाइब्रिड एसेट्स से मजबूत परिचालन नतीजे मिले हैं. उन्होंने कहा कि दूसरी तिमाही में भी कंपनी का प्रदर्शन बेहतरीन रहा, जहां ऊर्जा बिक्री 33 प्रतिशत बढ़ी और बिजली आपूर्ति से राजस्व 45 प्रतिशत बढ़कर 4,019 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. इसी अवधि में EBITDA में 51 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.
खावड़ा प्रोजेक्ट बना कंपनी का सबसे बड़ा इंजन
गुजरात के खावड़ा में विकसित हो रहा 30 गीगावॉट का विशाल रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट कंपनी की सबसे बड़ी परियोजना बना हुआ है. 538 वर्ग किलोमीटर में फैला यह क्षेत्र पेरिस शहर से लगभग पांच गुना बड़ा बताया गया है. कंपनी के अनुसार यह परियोजना अल्ट्रा-लार्ज स्केल रिन्यूएबल एनर्जी विकास के लिए वैश्विक मानक स्थापित करेगी. खावड़ा में परिचालन क्षमता एक साल पहले के 7.1 GW से बढ़कर अब 10.8 GW तक पहुंच चुकी है. कंपनी ने बताया कि बैटरी स्टोरेज में किए गए निवेश के चलते ऊर्जा कटौती से जुड़ी चुनौतियों को भी काफी हद तक नियंत्रित करने में मदद मिल रही है.
तेजी से आगे बढ़ रहा निर्माण कार्य
खावड़ा में वर्तमान परिचालन पोर्टफोलियो 10,752 मेगावॉट तक पहुंच गया है, जिसमें सौर, पवन और हाइब्रिड परियोजनाएं शामिल हैं. अडाणी ग्रीन का कहना है कि बड़े पैमाने पर मैनपावर की तैनाती, स्थानीय सप्लाई चेन और रोबोटिक सोलर मॉड्यूल इंस्टॉलेशन जैसी आधुनिक तकनीकों की मदद से परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है. कंपनी वर्ष 2029 तक यहां 30 GW क्षमता हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है. कंपनी ने स्पष्ट किया कि खावड़ा की कुल 10,752 मेगावॉट परिचालन क्षमता में से 10,002 मेगावॉट क्षमता AGEL की अपनी है, जबकि शेष 750 मेगावॉट अडाणी समूह की अन्य कंपनियों के लिए स्थापित की गई है.
उच्च दक्षता ने बढ़ाया मुनाफा
कंपनी के अनुसार उसके संचालन और रखरखाव (O&M) मॉडल में अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. एनर्जी नेटवर्क ऑपरेशन सेंटर के माध्यम से देशभर में मौजूद परियोजनाओं की रियल टाइम निगरानी की जाती है. इससे संयंत्रों की उपलब्धता बेहतर बनी रहती है, बिजली उत्पादन बढ़ता है और रखरखाव लागत कम होती है. इसी वजह से कंपनी 93 प्रतिशत के उद्योग-अग्रणी EBITDA मार्जिन को बनाए रखने में सफल रही है.
पूंजी निवेश में भी बड़ा विस्तार
AGEL ने FY27 की पहली छमाही में लगभग 17,160 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश (कैपेक्स) किया. यह पिछले वर्ष की तुलना में 38 प्रतिशत अधिक है. कंपनी का कहना है कि यह निवेश उसकी दीर्घकालिक विकास रणनीति, अनुशासित पूंजी प्रबंधन और भविष्य की परियोजनाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है. कंपनी का नेट डेट टू रन-रेट EBITDA अनुपात 5.6 गुना बताया गया है.
ESG रैंकिंग में भी अव्वल
पर्यावरण, सामाजिक और गवर्नेंस (ESG) मानकों के मोर्चे पर भी कंपनी को कई महत्वपूर्ण सम्मान मिले हैं.
खावड़ा BESS परियोजना को इंडिया एनर्जी स्टोरेज वीक (IESW) 2026 में “लार्जेस्ट प्रोजेक्ट ऑफ द ईयर” पुरस्कार मिला. कंपनी सात प्रमुख ESG रेटिंग एजेंसियों की समीक्षा में दुनिया की शीर्ष 10 कंपनियों में शामिल रही.
इसके अलावा NSE सस्टेनेबिलिटी रेटिंग्स एंड एनालिटिक्स में लगातार दूसरे वर्ष यूटिलिटी सेक्टर में पहला स्थान मिला. FTSE Russell ने भी लगातार दूसरे वर्ष वैकल्पिक बिजली उपक्षेत्र में कंपनी को वैश्विक स्तर पर नंबर-1 रैंकिंग दी.
कंपनी को न्यूयॉर्क में आयोजित Reuters Energy Industry Awards 2026 में क्लीन पावर जनरेशन अवॉर्ड भी मिला. CareEdge-ESG ने 87.3 के रिकॉर्ड स्कोर के साथ लगातार दूसरे वर्ष ESG 1+ रेटिंग दी, जबकि CRISIL ने पावर जेनरेशन सेक्टर में लगातार पांचवें साल कंपनी को शीर्ष स्थान पर रखा.
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2030 और उससे आगे की बड़ी योजना
अडाणी ग्रीन वर्तमान में 12 राज्यों में फैले 20.8 GW के परिचालन रिन्यूएबल पोर्टफोलियो और 6.63 GWh बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता के साथ देश की सबसे बड़ी रिन्यूएबल ऊर्जा कंपनी है. कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 50 GW क्षमता हासिल करना है, जिसमें 5 GW पंप स्टोरेज भी शामिल होगा. साथ ही अगले पांच वर्षों में 50 GWh बैटरी स्टोरेज क्षमता विकसित करने की योजना है. कंपनी तकनीक आधारित समाधानों की मदद से स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा को बड़े पैमाने पर अपनाने की दिशा में काम कर रही है.
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