Toman Kumar Gold Medal: जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स (Asian Para Games) से भारत के लिए एक ऐसी गौरवशाली और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसे पढ़कर हर देशवासी का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा. सीआरपीएफ की कुख्यात कोबरा (CoBRA) कमांडो बटालियन के पूर्व जवान तोमन कुमार ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए तीरंदाजी (Para Archery) के मिक्स्ड इवेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है.
खास बात यह है कि उन्होंने यह ऐतिहासिक जीत देश की स्टार पैरा आर्चर शीतल देवी के साथ मिलकर हासिल की है, जिन्होंने कुछ समय पहले ही अपने असाधारण कौशल से पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था.
फाइनल में इंडोनेशिया को दी पटखनी(Toman Kumar Gold Medal)
गुरुवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में तोमन कुमार और शीतल देवी की भारतीय जोड़ी ने इंडोनेशिया के तेओडोरा ऑडी आयुडिया फेरेली और केन स्वागुमिलंग को 151-148 के कड़े स्कोर से शिकस्त दी. टॉप सीड भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही अपनी बढ़त बनाए रखी और मुकाबले को अपने नाम कर लिया.
इससे पहले इसी जोड़ी ने क्वालिफिकेशन राउंड में 1,402 अंक हासिल करके एक नया विश्व रिकॉर्ड (World Record) भी अपने नाम कर लिया था, जो पिछले रिकॉर्ड से दो अंक ज्यादा था.
IED ब्लास्ट में गंवाया था पैर
छत्तीसगढ़ के रहने वाले तोमन कुमार की यह जीत किसी चमत्कार से कम नहीं है. वह 2017 में सीआरपीएफ की घातक कोबरा कमांडो बटालियन में भर्ती हुए थे और छत्तीसगढ़ के जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ मोर्चा संभाला था. लेकिन साल 2021 में एक एंटी-नक्सल ऑपरेशन के दौरान वह आईईडी (IED) धमाके की चपेट में आ गए, जिसमें उनका एक पैर बुरी तरह जख्मी हो गया और डॉक्टरों को उसे काटना पड़ा.
इस भयंकर हादसे के बाद तोमन कुछ समय के लिए गहरे डिप्रेशन में चले गए थे. लेकिन जब वह हैदराबाद में कृत्रिम (Artificial) पैर लगवाने पहुंचे, तो वहां उन्होंने अपने जैसे अन्य संघर्षशील लोगों को देखा, जिससे उन्हें एक नई जिंदगी जीने की प्रेरणा मिली. राइफल चलाने में माहिर उस फौलादी कमांडो ने हथियार नहीं डाले, बल्कि हाथ में धनुष-बाण थाम लिया और तीरंदाजी को ही अपना नया मुकाम बना लिया.
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शीतल देवी के साथ मिलके रचा इतिहास
इस स्वर्ण पदक जीत की दूसरी नायक जम्मू-कश्मीर की जांबाज बेटी शीतल देवी हैं, जिनका जन्म बिना हाथों के हुआ था. शीतल अपने पैरों और टांगों से कंपाउंड धनुष को साधती हैं और कंधे व जबड़े की ताकत से डोरी खींचकर सटीक निशाना लगाती हैं. बारूदी सुरंग में पैर गंवाने वाले पूर्व कमांडो तोमन कुमार और बिना हाथों के दुनिया जीतने वाली शीतल देवी की इस जोड़ी ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी विकलांगता या शारीरिक नुकसान आपके सपनों को नहीं रोक सकता.
-भाारत एक्सप्रेस
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