नई दिल्ली (22 अक्टूबर 2026): पश्चिम एशिया में जारी गंभीर भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच गुरुवार को महत्वपूर्ण टेलीफोनिक बातचीत हुई. दोनों वैश्विक नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की निरंतर मजबूती की समीक्षा की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई.
बातचीत के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए लिखा:
“इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का फोन आया. हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों की निरंतर गति की समीक्षा की और अपनी साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की. हमने पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और क्षेत्र में शांति व स्थिरता बहाल करने की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित किया.”
मैंने अपने मित्र, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और उन्हें इज़राइल के स्वतंत्रता दिवस पर वीर भारतीय पायलट के साथ मशाल प्रज्वलित करने के लिए आमंत्रित किया।
मोदी ने निमंत्रण के लिए मुझे धन्यवाद दिया और कहा कि ज़मीन पर और हवा में, भारत और इज़राइल आतंकवाद के ख़िलाफ़ मिलकर लड़ रहे हैं। उन्होंने हमारे बीच के मज़बूत और वर्षों पुराने संबंधों की भी सराहना की। 🇮🇱🇮🇳
— Benjamin Netanyahu – בנימין נתניהו (@netanyahu) October 22, 2026
स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का विशेष निमंत्रण
वहीं, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी सोशल मीडिया पर इस बातचीत को अत्यंत आत्मीय और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण करार दिया. नेतन्याहू ने पोस्ट कर बताया कि उन्होंने अपने मित्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजराइल के आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह में वीर भारतीय पायलट स्मित मच्छर के साथ मिलकर पारंपरिक मशाल प्रज्वलित करने के लिए सादर आमंत्रित किया है.
नेतन्याहू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस निमंत्रण के लिए आभार व्यक्त किया और इस बात पर बल दिया कि जमीन पर हो या हवा में, भारत और इजराइल आतंकवाद के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रहे हैं. दोनों नेताओं ने भारत और यहूदी राष्ट्र के बीच दशकों पुराने सांस्कृतिक और रणनीतिक रिश्तों की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की.
2017 से 2026 तक: ऐतिहासिक मुलाकातें और बदलती कूटनीति
वर्ष 2017 से 2026 के बीच दोनों नेताओं के व्यक्तिगत तालमेल ने भारत-इजराइल संबंधों को एक नए युग में पहुंचाया है:
2017 की ऐतिहासिक यात्रा: जुलाई 2017 में नरेंद्र मोदी इजराइल की आधिकारिक यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने, जिसने दोनों देशों के संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ में बदल दिया.
2018 में नेतन्याहू का भारत दौरा: जनवरी 2018 में बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत का छह दिवसीय दौरा किया, जिसमें रक्षा, कृषि और जल प्रबंधन में अभूतपूर्व समझौते हुए.
बहुपक्षीय मंचों पर मुलाकातें: दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र (UNGA) और वैश्विक जलवायु सम्मेलनों (जैसे COP26) के इतर द्विपक्षीय बैठकें कीं.
फरवरी 2026 की राजकीय यात्रा: फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर इजराइल की सफल राजकीय यात्रा कर दोनों देशों के रिश्तों को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ (Special Strategic Partnership) का दर्जा दिया. 2017 से अब तक दोनों शीर्ष नेताओं के बीच 4 से अधिक प्रत्यक्ष द्विपक्षीय शिखर बैठकें हो चुकी हैं.
साल 2026 में दोनों के बीच सार्वजनिक फोन कॉल वार्ता
वर्ष 2026 में पश्चिम एशिया के जटिल हालातों और रक्षा साझेदारी को लेकर दोनों नेताओं के बीच लगातार कूटनीतिक संवाद बना रहा है. आधिकारिक बयानों और सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष दोनों नेताओं के बीच टेलीफोन पर दो प्रमुख आधिकारिक बातचीत हुई हैं:
6 अगस्त 2026: दोनों नेताओं ने फोन पर पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रमों और द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग पर लंबी चर्चा की थी, जिसकी जानकारी विदेश मंत्रालय और पीएम मोदी के सोशल मीडिया हैंडल से साझा की गई थी.
22 अक्टूबर 2026: आज की ताजा कॉल, जिसमें क्षेत्रीय स्थिरता, आतंकवाद के विरुद्ध साझा संकल्प और स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक आमंत्रण पर मुहर लगी.
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