दिव्य प्रेम सेवा मिशन, हरिद्वार के सेवा प्रकल्पों को समर्पित और छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित विश्व के सबसे बड़े ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ के सजीव मंचन के तीसरे दिन शनिवार को देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए. ‘भारत एक्सप्रेस’ इस भव्य सांस्कृतिक व ऐतिहासिक महाकुंभ का आधिकारिक मीडिया पार्टनर है. आगामी 28 अक्टूबर तक चलने वाले इस महामंचन के तीसरे दिन दर्शकों की संख्या ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए.
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व राष्ट्रपति डॉ. रामनाथ कोविंद ने कहा कि देश में छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे राष्ट्रनायक और युगपुरुष ‘दिव्य प्रेम’ की दिव्यता से ही जन्म लेते हैं. उन्होंने कहा कि जिनके हृदय में शिवाजी महाराज जैसी करुणा और असीम साहस हो, वर्तमान युग में दिव्य प्रेम सेवा मिशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम उसी दिव्यता के सशक्त संवाहक हैं.
‘चंडीघाट में कुष्ठ रोगियों की सेवा करते देखा’: डॉ. कोविंद ने साझा किए संस्मरण
पूर्व राष्ट्रपति ने संस्था और डॉ. आशीष गौतम के साथ जुड़े अपने 30 वर्षों के आत्मीय संबंधों को साझा किया. उन्होंने बताया कि वे मिशन के स्थापना काल से ही इसके सेवा कार्यों से जुड़े रहे हैं. उन्होंने स्वयं हरिद्वार के चंडीघाट में डॉ. आशीष गौतम को कुष्ठ रोगियों के घावों पर मरहम-पट्टी करते और दिन-रात निस्वार्थ भाव से उनकी सेवा करते देखा है.
डॉ. कोविंद ने कहा:
“मैं ‘जाणता राजा’ महानाट्य को दिल्ली, मुंबई, आगरा और लखनऊ में कुल मिलाकर चार बार देख चुका हूं, लेकिन इस अद्भुत प्रस्तुति को देखकर कभी मन नहीं भरता. जब भी डॉ. आशीष गौतम का स्नेहभरा बुलावा आता है, मैं इस कार्यक्रम में खिंचा चला आता हूं. हर भारतीय को जितनी बार भी अवसर मिले, छत्रपति शिवाजी महाराज के पराक्रम को जीवंत करने वाला यह महानाट्य अवश्य देखना चाहिए.”
300 किलों पर शोध कर बाबासाहेब पुरंदरे ने लिखी थी यह गाथा
दिव्य प्रेम सेवा मिशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम ने महानाट्य के ऐतिहासिक संदर्भ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हम सबको ‘जाणता राजा’ जैसी अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर देने वाले पद्मविभूषण स्वर्गीय बाबासाहेब पुरंदरे का सदैव कृतज्ञ रहना चाहिए. बाबासाहेब ने अपना संपूर्ण जीवन छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों को समर्पित कर दिया था. उन्होंने शिवाजी महाराज के इतिहास से जुड़े 300 किलों का व्यक्तिगत रूप से भ्रमण व शोध करने के बाद इस महानाट्य की रचना की थी.
लंदन, न्यूयॉर्क, दिल्ली और मुंबई सहित दुनिया भर में इसके 1200 से अधिक सफल मंचन हो चुके हैं और गाजियाबाद में यह ‘जाणता राजा’ का 1225वां ऐतिहासिक महामंचन है.
दर्शकों की रिकॉर्ड भीड़, मोबाइल टॉर्च से जगमगाया प्रांगण
शनिवार को सनसिटी मैदान में ग्रेटर नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (GNIOT) सहित नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों व विश्वविद्यालयों से हजारों छात्र-छात्राएं पहुंचे. जब डॉ. आशीष गौतम के आह्वान पर हजारों दर्शकों ने अपने मोबाइल की टॉर्च जलाई, तो पूरा परिसर रोशनी से जगमगा उठा. युवाओं की भारी भागीदारी का असर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी दिखा और शनिवार शाम सोशल मीडिया पर #कोविंद_जाणता_राजा और #dpsmjanataraja नेशनल टॉप ट्रेंड्स में बने रहे.

झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए युवाओं से शिवाजी महाराज के जीवन और युद्ध-कौशल से प्रेरणा लेने का आह्वान किया.
कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति और अतिथियों का स्वागत आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता (चेयरमैन, GNIOT), महामंत्री दीपक शर्मा और संयोजक विनय चौधरी ने किया. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण राज्यमंत्री कुंवर ब्रजेश सिंह, यूपी के महाधिवक्ता डॉ. महेश चंद्र चतुर्वेदी, गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा और भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, न्यायाधीश और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे.
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