अडानी समूह की प्रमुख सीमेंट कंपनी ACC Limited ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अपनी परिचालन क्षमता को बड़ा विस्तार दिया है. कंपनी ने अपनी उत्पादन क्षमता में 3.4 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) का नया इजाफा किया है. इसके तहत एसीसी ने उत्तर प्रदेश के सलाई बनवा में 2.4 MTPA क्षमता की नई ग्राइंडिंग यूनिट चालू की है, जबकि इसकी सहायक कंपनी ‘बल्क सीमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया’ ने महाराष्ट्र के कलंबोली में 1 MTPA की क्षमता जोड़ी है.
अंबुजा सीमेंट्स संग मर्जर को मिली मंजूरी
व्यापारिक प्रदर्शन की बात करें तो इस तिमाही में एसीसी की सीमेंट बिक्री 9.72 मिलियन टन दर्ज की गई. कंपनी की ट्रेड सेल्स हिस्सेदारी सालाना आधार पर 7-प्रतिशत बढ़कर 78% पर पहुंच गई, जिसमें प्रीमियम उत्पादों की हिस्सेदारी 47% रही. इसके अलावा, रेडी-मिक्स कंक्रीट वॉल्यूम में भी 19% की मजबूत बढ़ोतरी देखी गई और यह 1.07 मिलियन क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया. एसीसी का परिचालन राजस्व ₹5,689 करोड़ और ऑपरेटिंग EBITDA ₹401 करोड़ रहा.
कंपनी के भविष्य को लेकर सबसे बड़ा कदम Ambuja Cements के साथ इसका प्रस्तावित विलय है. 29 सितंबर 2026 को NCLT द्वारा बुलाई गई बैठक में एसीसी के शेयरधारकों ने इस मर्जर को अपनी मंजूरी दे दी है. अब यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए ट्रिब्यूनल के पास भेजा जाएगा. इस विलय से कॉर्पोरेट ढांचे को सरल बनाने, विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स को बेहतर करने और परिचालन लागत घटाने में मदद मिलेगी. इस पूरी प्रक्रिया के वित्त वर्ष 2027 के भीतर पूरा होने की उम्मीद है.
ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण संरक्षण पर भी फोकस
व्यापार के साथ-साथ एसीसी ने पर्यावरण संरक्षण के मोर्चे पर भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है. Q2 FY27 में कंपनी की ग्रीन पावर हिस्सेदारी बढ़कर 34.4% हो गई, जो पिछले साल 30.3% थी. इसके अलावा, एसएंडपी ग्लोबल कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट में कंपनी का नेट स्कोर 72 से सुधरकर 82 हो गया है. इंफ्रास्ट्रक्चर और हाउसिंग सेक्टर में सीमेंट की बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी का यह विस्तार काफी अहम माना जा रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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