देश की टेलीकॉम इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पकड़ बना चुकी रिलायंस जियो अब शेयर बाजार में उतरने की तैयारी को लेकर चर्चा में है. कंपनी की संभावित लिस्टिंग से न सिर्फ निवेशकों की नजरें इस पर टिकी हैं, बल्कि भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों की रैंकिंग में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. अनुमान है कि शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद जियो, भारती एयरटेल को पीछे छोड़कर देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है.
उपलब्ध वैल्यूएशन अनुमानों के मुताबिक, लिस्टिंग के बाद जियो का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 12.61 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. अगर ऐसा होता है, तो कंपनी भारती एयरटेल से लगभग 25,700 करोड़ रुपये आगे निकल जाएगी. फिलहाल इस संभावित बदलाव को लेकर बाजार में काफी दिलचस्पी है, हालांकि अंतिम तस्वीर लिस्टिंग के समय ही साफ होगी.
कितने रुपये पर लिस्ट हुई तो Airtel से आगे निकलेगी Jio?
अनुमानों के अनुसार, जियो को बाजार पूंजीकरण के मामले में एयरटेल से आगे निकलने के लिए करीब 1,342 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट होना होगा. वहीं, कंपनी का अनुमानित इश्यू प्राइस 1,119 रुपये प्रति शेयर बताया जा रहा है.
इस बीच, ग्रे मार्केट में जियो के शेयरों का प्रीमियम करीब 245 से 255 रुपये के बीच बताया जा रहा है. अगर यह प्रीमियम 250 रुपये के आसपास रहता है, तो शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत लगभग 1,369 रुपये हो सकती है. इस भाव पर लिस्टिंग होने की स्थिति में जियो के पास एयरटेल को पीछे छोड़ने का मौका होगा.
हालांकि, यहां निवेशकों के लिए एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है. ग्रे मार्केट प्रीमियम कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं होता. इससे बाजार की संभावित धारणा का अंदाजा जरूर मिलता है, लेकिन यह गारंटी नहीं देता कि शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर इसी कीमत पर खुलेगा. वास्तविक लिस्टिंग प्राइस इससे कम या ज्यादा भी हो सकता है.
देश की सबसे बड़ी कंपनियों में कहां होगी Jio की जगह?
मौजूदा अनुमानों के आधार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज करीब 16.19 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के साथ देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रह सकती है. इसके बाद जियो का नंबर आ सकता है, जिसका संभावित बाजार मूल्य 12.61 लाख करोड़ रुपये आंका गया है.
वहीं, भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण करीब 12.35 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. कंपनी का पिछला कारोबार भाव 1,978.80 रुपये प्रति शेयर बताया गया था.
अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो देश की टॉप कंपनियों की सूची में जियो दूसरे और एयरटेल तीसरे स्थान पर दिखाई दे सकती हैं. इसके बाद बैंकिंग सेक्टर की दो बड़ी कंपनियां, HDFC बैंक और ICICI बैंक, क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर रह सकती हैं. HDFC बैंक का अनुमानित बाजार पूंजीकरण करीब 10.49 लाख करोड़ रुपये, जबकि ICICI बैंक का लगभग 9.96 लाख करोड़ रुपये है.
इन अनुमानों के मुताबिक, बाजार पूंजीकरण के आधार पर देश की शीर्ष पांच कंपनियों में अडानी समूह की कोई भी कंपनी शामिल नहीं होगी.
निवेशकों को किन बातों पर रखनी चाहिए नजर?
जियो की संभावित लिस्टिंग को लेकर उत्साह जरूर है, लेकिन निवेशकों को केवल ग्रे मार्केट प्रीमियम या अनुमानित वैल्यूएशन के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए. किसी कंपनी की वास्तविक बाजार कीमत उसके शेयर की लिस्टिंग के बाद मांग, बिक्री, कारोबार के प्रदर्शन और बाजार के माहौल जैसे कई कारकों से प्रभावित होती है.
जियो का अंतिम बाजार पूंजीकरण इस बात पर निर्भर करेगा कि उसके शेयर किस कीमत पर लिस्ट होते हैं और उसके बाद उनमें किस तरह का उतार-चढ़ाव आता है. इसलिए फिलहाल 12.61 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा एक अनुमान है.
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-भारत एक्सप्रेस
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