देशभर के लाखों छात्रों से जुड़े बहुचर्चित NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने एक बड़ा फैसला लिया है. कोर्ट में CBI और बचाव पक्ष के वकीलों के बीच आरोप तय करने को लेकर लंबी बहस पूरी हो चुकी है. मामले की सुनवाई कर रहे स्पेशल जज अजय गुप्ता की बेंच ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. अदालत इस मामले में आगामी 18 नवंबर 2026 को अपना फैसला सुनाएगी.
CBI ने 14 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट
सीबीआई ने इस फर्जीवाड़े और पेपर लीक मामले में कुल 14 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है. सीबीआई के मुताबिक, मामले में हाल ही में गिरफ्तार किए गए 14वें आरोपी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट जमा की गई थी. महाराष्ट्र के पुणे का रहने वाला सूर्यवंशी इस पूरे रैकेट के मुख्य आरोपी शुभम खैरनार का करीबी मददगार बताया गया है. आरोपी सूर्यवंशी ने ही परीक्षा से पहले कई अभ्यर्थियों को लीक हुआ नीट-यूजी का पेपर मुहैया कराया था.
कोर्ट पहले ही शुरुआती 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान ले चुका है. सीबीआई ने अदालत को बताया कि साजिश में शामिल अन्य लोगों और नेटवर्क के व्यापक पहलुओं की जांच अभी भी जारी है.
आरोपियों पर लगी गंभीर धाराएं
फिलहाल इस मामले में नामजद सभी 14 आरोपी, जिनमें यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरूरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे, मनीषा संजय हवलदार और शेषराव बजरंग सूर्यवंशी शामिल हैं. यह सभी जेल में बंद हैं.
जांच एजेंसी ने इन सभी आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं, भ्रष्टाचार निरोधक कानून (PCA) और नए पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट (Prevention of Unfair Means) की सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. 18 नवंबर का कोर्ट का फैसला इस केस में बेहद निर्णायक माना जा रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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