Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

कब जागेगा प्रशासन? उफनती नदी पार करने को मजबूर हुई गर्भवती महिला, झोली में डालकर ले गए परिजन

Dindori News: डिंडौरी में बुनियादी सुविधाओं के अभाव की बानगी देखने को मिली, जहां पुल न होने के कारण गर्भवती महिला को परिजनों ने उफनती नदी झोली में बैठकर पार कराई.

डिंडौरी जिले में पुल न होने के कारण परिजनों ने गर्भवती महिला को झोली में बैठाकर उफनती सिलगी नदी पार कराई.

Dindori News: डिंडौरी जिले के ग्रामीण इलाकों से विकास के दावों की पोल खोलती एक तस्वीर सामने आई है, जहां पुल न होने के कारण एक गर्भवती महिला को परिजनों ने झोली में बैठाकर उफनती नदी पार कराई.

जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर पाकर बघरा पंचायत के कलगी टोला में पुल न होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. प्रसव पीड़ा से पीड़ित यशोदा मरकाम को परिजनों ने झोली में डालकर उफनती सिलगी नदी पार कराई और फिर पैदल चलकर एंबुलेंस तक पहुंचाया, जहाँ फिलहाल जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं.

विकास के दावों की पोल खोलती तस्वीर

डिंडौरी जिले में विकास के तमाम दावों के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की पोल खोलकर रख देती है. यहाँ पुल न होने के कारण प्रसव पीड़ा से परेशान एक गर्भवती महिला को उसके परिजनों ने झोली में बैठाकर उफनती सिलगी नदी पार कराई. यह पूरा मामला जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर पाकर बघरा पंचायत के कलगी टोला का है.

झोली में नदी पार कर एंबुलेंस तक पहुंचे परिजन

बीते 18 अक्टूबर को गर्भवती यशोदा मरकाम को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिजन उन्हें करीब 100 मीटर तक झोली में बैठाकर उफनती नदी पार ले गए. नदी पार करने के बाद उन्हें लगभग साढ़े तीन किलोमीटर तक पैदल चलकर एंबुलेंस तक पहुँचाया गया. इसके बाद महिला को शहपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ राहत की बात यह है कि मां और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं.

वर्षों से पुल की मांग कर रहे ग्रामीण

लगभग 300 की आबादी वाले इस टोले के ग्रामीण वर्षों से सिलगी नदी पर एक पक्के पुल के निर्माण की मांग लगातार कर रहे हैं. बरसात के दिनों में यहाँ के हालात बद से बदतर हो जाते हैं. बारिश के दौरान ग्रामीणों के अलावा स्कूली बच्चों और शिक्षकों को भी अपनी जान जोखिम में डालकर इसी तरह की भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

बुनियादी सुविधाओं का अभाव और बड़ा सवाल

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बुनियादी सुविधाओं के इस गंभीर अभाव में अपनी जान जोखिम में डालकर इस तरह की मुश्किलों से जूझना पड़ेगा? प्रशासन और शासन स्तर पर इस दिशा में कब ठोस कदम उठाए जाएंगे, यह देखने वाली बात होगी.

यह भी पढ़ें-‘हर संभव मदद मिलेगी…’: चक्रवात अर्नब के हालात पर अमित शाह की नजर, जल्द पहुंचेगी केंद्रीय टीम

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital