स्वामी प्रसाद मौर्य का अखिलेश यादव पर तीखा हमला (इमेज-IANS)
Swami Prasad Maurya: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से ठीक पहले समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीटों के तालमेल को लेकर चल रही अंदरूनी तकरार अब खुलकर चौराहे पर आ गई है. इस बीच सपा के पूर्व दिग्गज नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव के बहुचर्चित ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले की हवा निकाल दी है. मौर्य ने सीधे तौर पर अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि वह सिर्फ PDA का नाम लेते हैं, लेकिन हकीकत में इन नेताओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहे हैं.
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो अखिलेश यादव संकट के समय आजम खान के सगे नहीं हो सके, वह भला किसी और के क्या होंगे. इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि गठबंधन के सिलसिले में उनकी राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस नेता गौतम जी से सीधी बातचीत हो चुकी है.
अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा,
इन्हें न तो स्वामी प्रसाद मौर्य मंजूर हैं और न ही चंद्रशेखर आजाद से कोई लगाव है. इन्हें तो बस नाथवानी पसंद आते हैं. सच तो यह है कि जो शख्स दिन-रात PDA का राग अलापता है, वही आज PDA का सबसे बड़ा दुश्मन नंबर-1 बनकर बैठा है.
“अखिलेश यादव जब आजम खान के नहीं हुए तो स्वामी प्रसाद मौर्य के क्या होंगे!”
“इन्हें (अखिलेश यादव को) स्वामी प्रसाद मौर्य पसंद नहीं। इन्हें चंद्रशेखर आजाद पसंद नहीं। इन्हें नाथवानी पसंद है।”
“ये (अखिलेश यादव) PDA की दुहाई देंगे, लेकिन ये PDA के दुश्मन नंबर -1 हैं। ”
“इनकी (अखिलेश यादव) की इन्हीं गन्दी हरकतों की वजह से मैंने सपा का महासचिव पद छोड़ था।”
“अखिलेश यादव बातचीत करने के लायक़ ही नहीं।”
“ये (अखिलेश यादव) न पिद्दी हैं, न पिद्दी के शोरबा।”
“मैंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और गौतम जी से (गठबंधन के लिए) बात कर ली है।”
— अखिलेश पर भड़के स्वामी प्रसाद मौर्य
— Sudhir Singh Gahlot (@RanaSudhirG) October 31, 2026
मौर्य ने यह भी साफ किया कि अखिलेश यादव के इसी रवैये और हरकतों से तंग आकर उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पद को लात मारी थी.
‘अखिलेश यादव से बात करने का कोई फायदा नहीं’
मौर्य ने आगे कहा कि वह अखिलेश यादव के असली रंग को बहुत अच्छी तरह पहचान चुके हैं. उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश का नेतृत्व इतना ही अच्छा था, तो उन्हें सपा का राष्ट्रीय महासचिव और एमएलसी (MLC) पद छोड़ने की जरूरत क्यों पड़ती. स्वामी प्रसाद मौर्य ने आगे कहा कि अखिलेश यादव इस काबिल ही नहीं हैं कि उनसे कोई बात की जाए. न ये पिद्दी हैं, न पिद्दी का शोरबा. ये आखिर होते कौन हैं हमें सही या गलत का सर्टिफिकेट देने वाले.
राज्यसभा सीटों के बंटवारे पर सवाल उठाते हुए मौर्य ने कहा कि जिस सीट पर नाथवानी को राज्यसभा भेजा गया, वहां आजम खान की पत्नी को मौका मिलना चाहिए था. उन्होंने दोहराया कि जब अखिलेश अपने सबसे करीबी आजम खान के ही नहीं हुए, तो स्वामी प्रसाद मौर्य के क्या खाक होंगे. उन्हें अखिलेश यादव की किसी भी तरह की हमदर्दी की कोई जरूरत नहीं है.
राहुल और प्रियंका गांधी से संपर्क का दावा
स्वामी प्रसाद मौर्य ने यह बिल्कुल साफ कर दिया कि समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव को ‘INDIA’ गठबंधन का सर्वेसर्वा नहीं समझा जाना चाहिए. सपा इस बड़े गठबंधन का महज एक हिस्सा है, अखिलेश खुद पूरा गठबंधन नहीं हैं. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को इस गठबंधन का राष्ट्रीय संयोजक बताते हुए कहा कि सीटों और रणनीति पर आखिरी मुहर उन्हीं की लगेगी.
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उन्होंने यह बड़ा दावा भी किया कि वह गठबंधन को लेकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से पहले ही चर्चा कर चुके हैं. मौर्य ने दो टूक कहा कि अगर अखिलेश यादव में थोड़ी भी राजनीतिक समझ होती, तो वह सबसे पहले उन्हीं से बात करते. उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि उन्होंने आगामी चुनावों के लिए अखिलेश यादव के कोटे की सीटों से कोई टिकट नहीं मांगा है.
-भारत एक्सप्रेस
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