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‘ना भूले हैं, ना भूलेंगे’ 1984 सिख दंगों के घाव कुरेदकर बीजेपी का पलटवार, हरि नगर से तिलक नगर तक पदयात्रा

BJP Padyatra In Delhi: रामलीला मैदान में विपक्ष के इस शक्ति प्रदर्शन को बेअसर करने के लिए दिल्ली बीजेपी ने भी बहुत आक्रामक काउंटर प्लान तैयार किया है. पश्चिमी दिल्ली के सिख बहुल इलाके में बीजेपी ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ और ‘ना भूले हैं, ना भूलेंगे’ के नारों के साथ एक विशाल पदयात्रा शुरू की है.

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रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन का विरोध

BJP Padyatra In Delhi: राजधानी दिल्ली में रविवार (1 नवंबर) की सुबह से ही सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. आज का दिन दिल्ली के राजनीतिक इतिहास में बेहद खास और टकराव से भरा होने वाला है. दिल्ली की सड़कों पर आज एक साथ दो शक्ति प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं. एक तरफ जहां ‘INDIA’ गठबंधन के तमाम बड़े दिग्गज रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ हुंकार भर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी कांग्रेस के पुराने घावों को कुरेदने के लिए सड़कों पर उतर चुकी है.

रामलीला मैदान में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी सहित गठबंधन के 19 प्रमुख दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा है. इस महारैली की शुरुआत से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास (10 राजाजी मार्ग) पर राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और तेजस्वी यादव जैसे बड़े नेताओं का जमावड़ा लगा. रणनीति के तहत ये सभी वरिष्ठ नेता खुली बसों में सवार होकर मिंटो रोड और कनॉट प्लेस के रास्ते रामलीला मैदान की ओर कूच कर रहे हैं. विपक्ष का सीधा निशाना मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर है.

‘ना भूले हैं, ना भूलेंगे’

विपक्ष के इस शक्ति प्रदर्शन को बेअसर करने के लिए दिल्ली बीजेपी ने भी बहुत आक्रामक काउंटर प्लान तैयार किया है. पश्चिमी दिल्ली के सिख बहुल इलाके में बीजेपी ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ और ‘ना भूले हैं, ना भूलेंगे’ के नारों के साथ एक विशाल पदयात्रा शुरू की है. हरि नगर बस डिपो से शुरू होकर तिलक नगर मेट्रो स्टेशन तक जाने वाली इस लगभग एक किलोमीटर लंबी पदयात्रा के जरिए भाजपा सीधे 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाकर कांग्रेस को कटघरे में खड़ा कर रही है.

इस मार्च की अगुवाई खुद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कर रही हैं. उनके साथ दिल्ली के तमाम सांसद, कैबिनेट मंत्री और दंगों के पीड़ित परिवारों समेत लगभग 5,000 से ज्यादा लोग सड़कों पर रोष जता रहे हैं.

सड़कों पर टकरा रहे हैं सियासत के माहिर खिलाड़ी

आज दिल्ली की हवाओं में केवल राजनीति घुली हुई है. एक तरफ जहां विपक्षी दल चुनावी पारदर्शिता, लोकतंत्र और वोट चोरी के आरोपों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर बीजेपी इतिहास के उन पन्नों को पलट रही है जो कांग्रेस के लिए हमेशा से दुखती रग रहे हैं.

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सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान से लेकर पश्चिमी दिल्ली के मार्च रूट तक अभेद्य किला तैयार किया है. चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बलों और सीसीटीवी कैमरों से पैनी नजर रखी जा रही है.

-भारत एक्सप्रेस



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