पंजाब में आम आदमी पार्टी द्वारा 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करते ही राज्य का सियासी पारा तेजी से चढ़ गया है. चुनावी जंग की इस सुगबुगाहट के बीच रविवार को चंडीगढ़ पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला. शाह के आक्रामक तेवरों से साफ हो गया है कि बीजेपी पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में पूरी ताकत के साथ उतरने और विपक्षी गठबंधनों को कड़ी टक्कर देने के मूड में है. जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने राहुल गांधी के चर्चित नारे ‘मोहब्बत की दुकान’ पर सवाल उठाए और कहा कि उसमें प्यार के नाम पर सिर्फ नफरत बेची जा रही है.
‘मॉक पार्लियामेंट’ पर कसा तीखा तंज
राहुल गांधी द्वारा हाल ही में आयोजित की गई ‘मॉक पार्लियामेंट’ (नकली संसद) की कवायद पर चुटकी लेते हुए गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता ने देश का प्रधानमंत्री बनने का एक नया तरीका ईजाद कर लिया है.
शाह ने सीधे तंज कसते हुए कहा, ‘राहुल जी, अपनी इस नकली संसद में तो आप प्रधानमंत्री बने रह सकते हैं, लेकिन असल भारत का प्रधानमंत्री बनने का आपका सपना कभी सच नहीं होगा.’ उन्होंने कहा कि देश की जनता ने अपना फैसला स्पष्ट कर दिया है और कांग्रेस की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं जमीनी हकीकत से पूरी तरह दूर हो चुकी हैं.
दिल्ली और पंजाब चुनावों को लेकर बड़ा दावा
दिल्ली में कांग्रेस के पिछले चुनावी प्रदर्शन को याद दिलाते हुए अमित शाह ने कहा कि पिछले तीन विधानसभा चुनावों से कांग्रेस का वहां खाता तक नहीं खुला है. उन्होंने दावा किया कि आने वाले अगले तीन चुनावों में भी दिल्ली में कांग्रेस का यही हश्र होने वाला है, इसलिए पार्टी को आगे भी विपक्ष में बैठने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए. उन्होंने दिल्ली के व्यापारियों द्वारा त्योहारों के दौरान कांग्रेस की रैली न करने की अपील का भी मंच से जिक्र किया.
पंजाब में किसी की ‘जूनियर पार्टनर’ नहीं बनेगी BJP
पंजाब में बीजेपी की भावी रणनीति स्पष्ट करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने जोर देकर कहा कि पार्टी अब राज्य में किसी भी गठबंधन के तहत छोटे सहयोगी (जूनियर पार्टनर) के रूप में चुनाव नहीं लड़ेगी. बीजेपी इस बार अपने दम पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के संकल्प के साथ जनता के बीच जाएगी.
पंजाब के सबसे बड़े संकट ‘नशे’ पर बोलते हुए शाह ने चुनावी वादा किया कि 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरे देश को नशा मुक्त बना दिया जाएगा. शाह का यह रुख साफ संकेत देता है कि आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति में त्रिकोणीय मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है.
यह भी पढ़ें: रामलीला मैदान में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन: अखिलेश बोले- ‘1.27 करोड़ वोट काटकर हार छुपाना चाहती है बीजेपी’
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




