दिवाली से पहले शेयर बाजार में धमाका
दिवाली से पहले भारतीय शेयर बाजार ने एक बार फिर दमदार वापसी की है. लगातार दूसरे कारोबारी दिन सेंसेक्स में 1000 अंकों से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली. अगर 28 अक्टूबर के बाद के चार कारोारी सत्रों पर नजर डालें तो बाजार में 5 फीसदी से अधिक की मजबूती दर्ज की गई है. इस तेजी के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं, जिनमें बेहतर तिमाही नतीजे, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, रुपये में मजबूती और विदेशी निवेशकों की खरीदारी प्रमुख रही है. इसी तेजी का फायदा निवेशकों को भी मिला है और उनकी संपत्ति में लाखों करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है.
सेंसेक्स ने दिखाई जोरदार छलांग
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स में पिछले चार कारोबारी दिनों के दौरान जबरदस्त तेजी देखने को मिली. 28 अक्टूबर को सेंसेक्स 73,246.03 अंकों पर बंद हुआ था. इसके बाद बाजार में लगातार खरीदारी बनी रही और सूचकांक में 3,533.63 अंकों यानी करीब 4.82 फीसदी का उछाल आ गया. 3 नवंबर को कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,086.88 अंक चढ़कर 76,779.66 के स्तर तक पहुंच गया. वहीं दोपहर 2 बजकर 10 मिनट पर यह 935 अंक की बढ़त के साथ 76,631.12 अंक पर कारोबार करता दिखाई दिया. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मौजूदा सकारात्मक संकेत जारी रहे तो आने वाले दिनों में इसमें और मजबूती देखने को मिल सकती है.
निफ्टी ने भी निवेशकों को किया खुश
सिर्फ सेंसेक्स ही नहीं, बल्कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी भी जोरदार रफ्तार में नजर आया. 28 अक्टूबर को निफ्टी 22,746.25 अंकों पर बंद हुआ था. इसके बाद चार कारोबारी सत्रों में इसमें 1,047.40 अंकों की बढ़त दर्ज की गई, जो करीब 4.61 फीसदी के बराबर है. 3 नवंबर को निफ्टी 300 अंकों से ज्यादा की मजबूती के साथ ऊपरी स्तरों तक पहुंच गया था. दोपहर 2 बजकर 13 मिनट पर यह 262.50 अंकों की तेजी के साथ 23,708 अंक पर कारोबार कर रहा था. हालांकि बाजार में आई इस तेजी के बावजूद निफ्टी अब भी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से नीचे बना हुआ है.
विदेशी निवेशकों की खरीदारी बनी बड़ा कारण
बाजार में आई ताजा तेजी के पीछे विदेशी निवेशकों की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है. पिछले कुछ दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय बाजार में जमकर पैसा लगाया है. 26 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच कुल छह कारोबारी दिनों में से चार दिन विदेशी निवेशकों ने शुद्ध खरीदारी की. 27 अक्टूबर को उन्होंने 4,240 करोड़ रुपये, 28 अक्टूबर को 872 करोड़ रुपये, 30 अक्टूबर को 3,598 करोड़ रुपये और 2 नवंबर को 3,115 करोड़ रुपये का निवेश किया. वहीं 26 अक्टूबर को 1,462 करोड़ रुपये और 29 अक्टूबर को 944 करोड़ रुपये की बिकवाली भी दर्ज की गई थी.
कच्चे तेल की कीमत में आई नरमी
शेयर बाजार को राहत देने वाले प्रमुख कारकों में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट भी शामिल है. 28 अक्टूबर को ब्रेंट क्रूड का दाम 115 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर था. हालांकि 3 नवंबर तक इसकी कीमत घटकर करीब 103 डॉलर प्रति बैरल रह गई. इस दौरान ब्रेंट क्रूड में 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. कच्चा तेल सस्ता होने से भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था को फायदा होता है, जिसका सकारात्मक असर बाजार पर भी दिखाई देता है.
रुपये की मजबूती ने बढ़ाया भरोसा
विदेशी मुद्रा बाजार में भी भारतीय रुपये ने मजबूती दिखाई है. 28 अक्टूबर को डॉलर के मुकाबले रुपया 95.120 के स्तर पर था. इसके बाद भारतीय मुद्रा में सुधार देखने को मिला और 3 नवंबर को यह 94.704 के स्तर तक पहुंच गई. यानी इस अवधि के दौरान रुपये में करीब 51 पैसे की मजबूती दर्ज हुई. आमतौर पर रुपये की मजबूती को विदेशी निवेश और आर्थिक स्थिरता का संकेत माना जाता है, जिससे शेयर बाजार को भी समर्थन मिलता है.
कंपनियों के नतीजों ने दिया सहारा
दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों ने भी बाजार के माहौल को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. कई बड़ी कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण रिलायंस इंडस्ट्रीज रही. कंपनी के मुनाफे में 40 फीसदी से ज्यादा का उछाल देखने को मिला. नतीजों के बाद सोमवार को रिलायंस के शेयर लगभग 12 फीसदी तक चढ़ गए. देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल रिलायंस की तेजी का असर पूरे बाजार पर दिखाई दिया.
निवेशकों की संपत्ति में बड़ा इजाफा
बाजार में आए इस उछाल का सबसे बड़ा फायदा निवेशकों को हुआ है. BSE के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन के आंकड़े बताते हैं कि चार दिनों में निवेशकों की दौलत में 14 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है. 28 अक्टूबर को BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4,72,63,304.73 करोड़ रुपये था. वहीं 3 नवंबर को कारोबार के दौरान यह बढ़कर 4,87,06,606.07 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.
चार दिन में 14.43 लाख करोड़ रुपये का फायदा
दोनों आंकड़ों की तुलना करें तो निवेशकों की कुल संपत्ति में 14,43,301.34 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है. बाजार की भाषा में कहें तो महज चार कारोबारी सत्रों में निवेशकों की चांदी हो गई. दिवाली से पहले आई इस तेजी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और बाजार में सकारात्मक माहौल तैयार किया है.
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आगे क्या रहेगी बाजार की चाल?
फिलहाल बाजार की दिशा कई कारकों पर निर्भर करेगी. विदेशी निवेशकों का रुख, वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की कीमतें, रुपये की चाल और कंपनियों के आगे आने वाले तिमाही नतीजे बाजार की स्थिति तय करेंगे. लेकिन फिलहाल इतना जरूर है कि दिवाली से पहले आई इस रैली ने निवेशकों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है.
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