Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

होर्मुज स्ट्रेट में अचानक क्या हुआ? 3 टैंकर धू-धू कर जले, ईरान ने क्या दावा किया?

होर्मुज स्ट्रेट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. ईरान की IRGC ने दावा किया है कि बिना अनुमति गुजर रहे तीन टैंकर समुद्री माइनों से टकराने के बाद धमाकों का शिकार हुए.

Strait of Hormuz Tension

होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ा तनाव

मध्य पूर्व के बेहद संवेदनशील समुद्री क्षेत्र होर्मुज स्ट्रेट में तनाव फिर बढ़ता नजर आ रहा है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने दावा किया है कि तीन तेल टैंकर विस्फोटों की चपेट में आ गए. ईरानी पक्ष का कहना है कि ये टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे थे और उनकी गतिविधियां संदिग्ध थीं.

लोकेशन सिस्टम बंद होने का आरोप

IRGC के अनुसार, प्रभावित तीनों जहाज जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से से गुजर रहे थे. दावा किया गया है कि इन जहाजों ने अपनी लोकेशन बताने वाले ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर रखे थे. ईरानी नौसेना का कहना है कि इसी दौरान वे समुद्री माइनों से टकरा गए, जिसके बाद जोरदार धमाके हुए.

आग की लपटों में घिरे टैंकर

ईरान के दावे के मुताबिक, विस्फोटों के बाद तीनों जहाजों में आग लग गई. बताया गया कि टैंकर होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी तट के नजदीक जलते हुए दिखाई दिए. हालांकि इस घटना को लेकर स्वतंत्र स्तर पर पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन दावों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं.

लंबे समय से चेतावनी देता रहा है ईरान

ईरान पहले भी कई बार कह चुका है कि उसकी मंजूरी के बिना इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर कार्रवाई की जा सकती है. होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है. ऐसे में यहां किसी भी तरह की अस्थिरता का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है.

अमेरिकी ड्रोन गिराने का भी दावा

टैंकरों से जुड़े घटनाक्रम के बीच IRGC ने एक और बड़ा दावा किया है. ईरानी बलों का कहना है कि उन्होंने बंदर खमीर तटीय क्षेत्र के ऊपर उड़ रहे दो अमेरिकी लुकास ड्रोन को मार गिराया है. ईरानी समाचार एजेंसी तसनीम ने भी इस दावे का उल्लेख किया है.

एक दिन पहले भी ड्रोन को किया गया था नष्ट

ईरान के मुताबिक, यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले सोमवार रात को भी होर्मुज स्ट्रेट के आसपास एक ड्रोन को नष्ट किए जाने का दावा किया गया था. लगातार सामने आ रहे इन दावों ने क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और तनाव को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया है.

कतर कर रहा है मध्यस्थता की कोशिश

बढ़ते तनाव के बीच कतर ने कहा है कि वह अमेरिका और ईरान के बीच संवाद बनाए रखने की कोशिश कर रहा है. कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने बताया कि दोनों देशों के बीच विवाद सुलझाने के लिए बातचीत जारी है और विभिन्न प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है.

मतभेद कम करने की कोशिश जारी

कतर का कहना है कि उसका प्रयास दोनों पक्षों के बीच टकराव कम करना और किसी संभावित सैन्य संघर्ष को टालना है. प्रवक्ता के अनुसार, दोनों देशों के बीच मौजूद मतभेदों को कम करने के लिए लगातार कूटनीतिक पहल की जा रही हैं.

ट्रंप की चेतावनी से बढ़ी बेचैनी

होर्मुज स्ट्रेट में यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही ईरान को लेकर सख्त रुख दिखा चुके हैं. ट्रंप ने हाल में कहा था कि यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं होते हैं तो अमेरिका ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई कर सकता है.

हालिया सैन्य ऑपरेशनों का भी जिक्र

पिछले कुछ समय में अमेरिका ने ईरान के क़ेश्म द्वीप और होर्मुज क्षेत्र में कार्रवाई की है. ट्रंप प्रशासन ने इन अभियानों को उचित बताया है और संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर इससे भी बड़े कदम उठाए जा सकते हैं.

पिकैक्स माउंटेन बना नया केंद्र

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के नतांज क्षेत्र के पास स्थित पिकैक्स माउंटेन परमाणु ठिकाने का भी उल्लेख किया है. उनका कहना है कि ईरान की परमाणु गतिविधियों का एक अहम हिस्सा भूमिगत संरचनाओं में मौजूद है, इसलिए यह स्थान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है.

परमाणु हथियार के इस्तेमाल से किया इनकार

हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट किया है कि किसी भी संभावित अभियान में परमाणु हथियारों का उपयोग नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई की जरूरत पड़ती है तो पारंपरिक हथियारों का इस्तेमाल किया जाएगा. साथ ही उन्होंने अमेरिकी जमीनी सैनिकों को ईरान भेजने की संभावना से भी इनकार किया है.

ये भी पढ़ें-बीच समंदर में बह रहा भारतीयों का खून, ओमान के तट पर कार्गो शिप पर हमला, 1 भारतीय की मौत

खाड़ी क्षेत्र पर बनी दुनिया की नजर

टैंकर विस्फोटों, ड्रोन गिराने के ईरानी दावों और अमेरिका की सख्त चेतावनियों ने खाड़ी क्षेत्र की स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है. दूसरी ओर कतर दोनों देशों के बीच संवाद का रास्ता खुला रखने की कोशिश कर रहा है. ऐसे में आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में होने वाले घटनाक्रम पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital