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फ्लैट बेचकर लगाए ₹9.5 लाख, स्क्रीन पर दिखा 50 लाख; फिर उड़ गए होश! SD Pay ऐप के 1211 के घोटाले में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा

गुजरात के अमरेली से शुरू हुई जांच में SD Pay ऐप के जरिए ₹1211 करोड़ के साइबर व पोंजी घोटाले का सनसनीखेज पर्दाफाश हुआ है. देशभर के 6.52 लाख लोग इसका शिकार बने हैं. पुलिस अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है.

SD Pay App Scam 1211 Crore Fraud

Gujarat News: डिजिटल इंडिया के दौर में साइबर ठगों ने आम जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने का एक बेहद खौफनाक जाल बिछाया. गुजरात के अमरेली जिले से शुरू हुई एक जांच में देश के सबसे बड़े डिजिटल निवेश घोटालों में से एक का पर्दाफाश हुआ है. ‘SD Pay’ नाम के एक मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए देशभर के 6.52 लाख से अधिक लोगों से करीब 1,211 करोड़ रुपये की ठगी की गई है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य सरगनाओं समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

शुरुआत में इस ऐप को मोबाइल रिचार्ज, बिजली-पानी के बिल भुगतान और डिजिटल वॉलेट की तरह पेश किया गया था. लेकिन इसके पीछे मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) और पोंजी स्कीम का एक खतरनाक चक्रव्यूह चल रहा था.

रोजाना ब्याज और 9% कैशबैक का लालच

जांच में सामने आया कि गिरोह निवेशकों को उनके डिजिटल वॉलेट में जमा रकम पर रोजाना 0.15 से 0.30 फीसदी ब्याज (यानी हर महीने करीब 9% तक कैशबैक) देने का झांसा देता था. इसके साथ ही एक चेन सिस्टम (रेफरल मॉडल) बनाया गया था, जिसमें नए लोगों को जोड़ने पर पहले लेवल पर 30% तक कमीशन देने का दावा किया गया.

शुरुआती दौर में निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए उनके बैंक खातों में समय पर पैसे भेजे गए. इतना ही नहीं, लोगों को आश्वस्त करने के लिए फर्जी एस्क्रो वॉलेट के दस्तावेज और सुरक्षा के नाम पर साइन किए हुए खाली चेक तक थमाए गए. लोग झांसे में आकर अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी लगाने लगे. वडोदरा की एक महिला शिक्षिका ने तो अपना 1-BHK फ्लैट बेचकर मिले 9.5 लाख रुपये इस ऐप में लगा दिए. कुछ समय बाद स्क्रीन पर उनका बैलेंस 50 लाख रुपये दिखने लगा, लेकिन जब पैसे निकालने का प्रयास किया तो निकासी पर रोक लग चुकी थी.

जब नए निवेशक घटे, तो थमा दिए ‘फर्जी शेयर’

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मार्च 2026 के बाद जब नए निवेशकों का जुड़ना कम हुआ, तो सिंडिकेट का भुगतान चक्र लड़खड़ा गया. इसके बाद आरोपियों ने चालाकी दिखाते हुए निवेशकों से कहा कि कंपनी जल्द ही अपना आईपीओ (IPO) लाने जा रही है, और लोगों को उनकी रकम के बदले 20 रुपये के भाव पर अनलिस्टेड शेयर थमा दिए. इसके बाद जून 2026 में ऐप से निकासी पूरी तरह बंद कर दी गई.

अमरेली पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए मास्टरमाइंड धवल पटेल और उसके साथियों ने महाराष्ट्र का रुख किया और वहां ‘अपना पे’ (Apna Pay) नाम से नया नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश की.

पासवर्ड क्रैक होते ही सामने आया 6.52 लाख पीड़ितों का डेटा

अमरेली में दर्ज 2 लाख रुपये की एक शुरुआती शिकायत के बाद जब जांच आगे बढ़ी, तो पुलिस ने आरोपियों के मुख्य सर्वर और सिस्टम का पासवर्ड क्रैक किया. इसके बाद डेटाबेस खंगालने पर पता चला कि इस ऐप को 15 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया था और 6.52 लाख से अधिक लोग ठगी के शिकार हो चुके हैं.

अब तक गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक समेत कई राज्यों में आरोपियों के खिलाफ 18 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं. अमरेली एसपी और सीआईडी द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) शेल कंपनियों, फ्रीज किए गए खातों और विदेशों में भेजी गई रकम के तार खंगालने में जुटी है.

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